अपने ही आश्रम की नाबालिग के साथ यौन दुराचार के आरोप में फंसे आसाराम आज काफी खुश नजर आए। उन्होंने कोर्ट में जाते समय कहा कि नया सुरमा बनाया है, जोधपुर से जाने से पहले सभी को मोती पिष्ठी वाला सुरमा देकर जाऊंगा।
आज आसाराम को अनुसूचित जाति जनजाति अदालत में नियमित सुनवाई के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेश किया गया। बचाव पक्ष की ओर से अंतिम बहस करते हुए अधिवक्ता सज्जनराज सुराणा ने कोर्ट में डॉ. शेलेजा व डॉ. राजेन्द्र के बयानों को पढ़ते हुए कहा कि दोनों ही डॉक्टर ने पीड़िता का मेडिकल चेकअप किया था। चेकअप में कहीं भी चोट का निशान नहीं था। वहीं, अनुसंधान अधिकारी चंचल मिश्रा से जिरह के दौरान ये पूछा भी गया कि जब चोट का निशान नहीं था तो मामला कैसे बना। इस पर जवाब नहीं दिया गया।
ऐसे में अधिवक्ता सुराणा ने कहा कि पूरा मामला षडयंत्र ही लगता है, केवल आसाराम को फंसाने के लिए ही जाल बिछाया गया है। समयाभाव के चलते आज मामले में सुनवाई अधूरी रही है। अब आगे की सुनवाई कल होगी।