देश की संस्कृति की असली झलक यहां के मेलों में देखने को मिलती है। खास तौर पर राजस्थान में मेले अपने आप में आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
इसी तरह का एक मेला 1896 से चल रहा है। राजस्थान के झालावाड़ जिला स्थित झालरापाटन का ये मेला महाराजा जालिम सिंह ने शुरू किया था। मेले में हर साल कई पशु आते हैं, जो लोगों को ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। इस बार हीरा नाम का घोड़ा लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है।
यह काला घोड़ा दिखने में सुंदर होने के साथ साथ ऐसे-ऐसे कारनामे करता है कि लोग दंग रह जाते हैं। झालावाड़ जिले के बकानी खेडा गांव के निवासी हंसराज शर्मा ने हीरा को अपने बेटे की तरह पाला है। हीरा अब झालरापाटन कार्तिक मेले में बिकने आया है और 16 लाख इसकी कीमत है। खरीदारों ने अब तक 13 लाख 25 हजार इसकी कीमत लगा दी है।