अजमेर नगर निगम में फर्जी तरीके से मकानों के नक्शे जारी करने वाले एक जने को मेयर धर्मेन्द्र गहलोत ने पकड़ा है। जबकि एक अन्य व्यक्ति भागने में कामयाब हो गया। अब पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
नगर निगम मेयर धर्मेन्द्र गहलोत ने बताया कि पहाड़गंज निवासी आॅटोचालक भरत के मकान का काम जारी था। इसी दौरान अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो उसने निगम से नक्शा पास होने की बात कही। जब उसके दस्तावेज नगर निगम में मंगवाए गए तो यहां अधिकारी भी चौंक गए। नक्शे पर अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे और नक्शे पर जो सील लगी वह भी फर्जी थी। जब भरत से इस बारे में पूछा गया तो उसने बैंक लोन लेने और इसके लिए नक्शा पास करवाने की सारी दास्तां सुनाई। नाम सामने आने पर आर्किटेक्ट सुरेश को निगम में बुलवाया गया, जो पूर्व में निगम से रजिस्टर्ड था। हालांकि, वर्तमान में उसका रजिस्ट्रेशन नहीं है। सुरेश ने यहां अधिकारियों के सामने नक्शे बनाने का काम बंद करने की कही।
इसी दौरान जब महापौर गहलोत बाहर निकले तो उन्होंने दो जनों शिवरतन और कमल नाम के व्यक्ति को शक के आधार पर रोका। ये दोनों रुकने की बजाय वहां से भागने लगे तो शक मजबूत हो गया। इनके पीछे दौड़कर मेयर ने शिवरतन को पकड़ लिया, जबकि कमल फरार हो गया। इस सम्बंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुरेश और शिवरतन से पूछताछ जारी है।