उपभोक्ता संरक्षण के लिए काम करने वाले एनजीओ को सरकार आर्थिक सहायता देगी। इसके लिए उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए ’राजस्थान उपभोक्ता कल्याण कोष: सीमित सहायता योजना’ लागू किया है।
उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक पी.रमेश ने बताया कि योजना के अन्तर्गत वे ही एनजीओ आवेदन कर सकते हैं राज्य में कम से कम तीन साल से उपभोक्ता संरक्षण के लिए सक्रिय है। इस दौरान साल में कम से कम चार सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने वाले और इनमें प्रत्येक में कम से कम 100 लोगों की भागीदारी हो, वे आवेदन कर सकते है।
पी.रमेश ने बताया कि योजनान्तर्गत उपभोक्ता शिक्षा-अधिकारों के व्यापक प्रचार-प्रसार करने, प्रदर्शनी, रैली, उपखण्ड, जिला स्तरीय संगोष्ठी, विभिन्न प्रतियोगिताएं, उपभोक्ता विषयक सामग्री मुद्रण, उपभोक्ता प्रचार से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम, दूरदर्शन अथवा सिनेमा स्लाइड्स, विधिक माप विज्ञान के प्रचार, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषश मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रमों, उपभोक्ता शिकायत निवारण शिविरों एवं उपभोक्ता दिवसों के आयोजन का प्रावधान रखा गया है।
निदेशक ने बताया कि उपभोक्ताओं की सहायता के लिए पात्रता निर्धारित की गई है। पात्र उपभोक्ताओं को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कमेटी अपने स्तर पर प्रत्येक प्रकरण में 10 हजार रूपये तक की राशि स्वीकृत कर सकेगी। इसके लिए आवेदन निर्धारित प्रपत्र में संबंधित जिला रसद अधिकारी कार्यालय या संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने बताया कि आवेदक सहायता प्राप्त करने के पश्चात् एक वर्ष की अवधि में पुनः आवेदन के लिए पात्र नहीं होंगे। साथ ही जिस कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की जाएगी, वह कार्यक्रम समापन के बाद 15 दिवस की अवधि में क्रियान्विति का विस्तृत सहित उपयोगिता प्रमाण-पत्र संबंधित अधिकारी को प्रस्तुत करना होगा।