कोटा इलाके में किशोरी को भगाकर एक युवक द्वारा शादी करने का मामला सामने आया है। इस दौरान शादी के बाद किशोरी की मौत हो गई तो आरोपित पति ने उसकी लाश को गुपचुप ठिकाने लगा दिया। अब पुलिस किशोरी के शव को कब्र से निकालकर जांच फिर से शुरू करेगी।
मामला मानव तस्करी विरोधी यूनिट की ओर से चलाए गए आॅपरेशन मिलाप से जुड़ा है। आॅपरेशन भले ही खत्म हो गया, लेकिन इसी दौरान पुलिस को ऐसे मामले के बारे में पता चला जिसमें युवती पांच साल पहले लापता हो गई थी। इस सम्बंध में महावीर नगर थाने में किशोरी की गुमशुदगी भी परिजनों की ओर से दर्ज करवाई गई।
आॅपरेशन मिलाप के दौरान जब पुलिस ने गुमशुदा बच्चों की तलाश शुरू की तो जांच में पता चला कि महावीर नगर की रहने वाली किशोरी को बारां के देवली का रहने वाला जीवनराम वर्ष 2012 में भगा ले गया था।
इसके बाद उसने किशोरी से शादी कर ली, जिसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत के बाद आरोपित जीवनराम ने किशोरी गंगा को गुपचुप तरीके से दफना दिया। सिटी एसपी अंशुमन भोमिया ने बताया कि किशोरी गंगा के परिजनों को भी यह पता नहीं था कि जीवनराम उनकी बेटी को भगा ले गया।
पुलिस जीवनराम तक पहुंची तो पता चला कि गंगा की मौत डेढ साल पहले कीटनाशक पीने से हो गई। अब पुलिस ने आरोपित जीवनराम को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, अब शव को कब्र से निकलवाकर पुलिस उसका पोस्टमार्टम करवाएगी।