राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती- 2012 में चयनित याचिकाकर्ता को पूर्व में चयनित अन्य अभ्यर्थियों के समान वेतन परिलाभ और वरिष्ठता देने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश वीएस सीराधना की एकलपीठ ने यह आदेश डालचंद जाट की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता राम प्रताप सैनी ने अदालत को बताया की याचिकाकर्ता का तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती- 2012 के पुनः परिणाम में चयन हुआ था।
राज्य सरकार की ओर से इसी भर्ती में पूर्व में चयनित हुए अभ्यर्थियों के मुकाबले याचिकाकर्ता को कनिष्ठ माना जाता है। इसके अलावा याचिकाकर्ता को उनके समान वेतन भी नहीं दिया जाएगा। जबकि याचिकाकर्ता समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकारी है। ऐसे में याचिकाकर्ता को भी पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों के समान वेतन परिलाभ दिए जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को अन्य अभ्यर्थियों के समान वेतन परिलाभ और वरिष्ठता देने के आदेश दिए है।