यह कहानी है जयपुर की झालाना बस्ती में रहने वाली एक ऐसी 14 वर्षीया बालिका वधू की। जिसके घर वालों ने महज सात-आठ साल की उम्र में उसकी शादी उससे दुगने उम्र वाले लड़के से कर दी।
जब बालिका वधू 14 साल की हुई और हाल ही में दसवीं की परीक्षा दी। तभी से ससुराल वाले उसे साथ ले जाने पर आमादा हो गए। दबाव बनाने लगे और आखिरकार रविवार को बालिका वधू को अपने साथ लेकर चले गए। जब यह खबर बालिका वधू के सहपाठियों को पता चली तब वे बैचेन हो गए और परिजनों के सहयोग नहीं करने पर उन्होंने गुरुजनों की मदद ली और अपनी सूझबूझ व जिद से दो दिन में ही साथी सहपाठी को पुलिस प्रशासन की मदद से सोमवार को ससुराल से मुक्त करवा लिया।
मामले में जहां एक ओर मालवीय नगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। वहीं, दूसरी तरफ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रसंज्ञान लेकर मौका निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए है।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव तथा जिला एवं सशन न्यायाधीश एसके जैन ने इस संबंध में राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति की पूर्णकालिक सचिव, अनु चौधरी (आरजेएस.) को निर्देश दिए हैं कि वे राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति की रिटेनर अधिवक्ता शालिन शेरोन के सहयोग से मौका निरीक्षण एवं जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एक जून तक उन्हें प्रस्तुत करे।