गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर हुए 17 दिन से अधिक का समय हो चुका है। लेकिन अभी तक उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है।
आनंदपाल का शव उसके घर के आंगन में डीप फ्रीज में रखा हुआ है और अंत्येष्टि को लेकर हो रही राजनीति थम नहीं रही है। परिजन और राजपूत समाज एनकाउंटर के जांच की मांग सीबीआई से कराने पर अड़े है, तो सरकार भी कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं है।
अब नए घटनाक्रम में 12 जुलाई को आनंदपाल के पैतृक गांव में रैली का आह्वान किया गया है। दावा किया जा रहा है कि रैली में रावणा राजपूत व राजपूत समाज के अतिरिक्त अन्य समाजों के एक लाख लोग सम्मलित होंगे।
माना जा रहा है कि आनंदपाल की अंत्येष्टि का फैसला भी इसी रैली के दौरान होगा। वहीं पुलिस प्रशासन ने रैली को देखते हुए जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है व धारा 144 लागू कर दी है।
प्रशासन के अनुसार रैली में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार का हथियार ले जाने, आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करने पर रोक रहेगी। इसके अतिरिक्त नागौर के आसपास के जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।