सामाजिक कुरीतियों का बोझ कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। इन कुरीतियों का एक और परिवार शिकार हो गया है।
राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां एक परिवार को समाज से सिर्फ इसलिए बहिष्कृत कर दिया गया, क्योंकि उसने मृत्युभोज का आयोजन नहीं किया था। यहीं नहीं समाज के पंच पटेलों ने सजा वापस लेने के बदले में परिवार पर दस लाख का अर्थदण्ड और जूतों की गठरी को सिर पर रखने की सजा का भी ऐलान किया है।
दरअसल जैसलमेर के बोनाड़ा निवासी नखतराम ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि उनके समुदाय के पंचों ने फरमान सुनाया है कि अपने बहनोई के देहांत के बाद उसने व उसके भांजों ने मृत्युभोज नहीं आयोजित किया, इस कारण उसे समाज से बहिष्कृत किया जाता है।