दुनिया में सर्वाधित जिस तत्व की मांग है वह है यूरेनियम। इसका उपयोग परमाणु बम बनाने से लेकर बिजली उत्पादन तक में विभिन्न देश करते है। भारत भी यूरेनियम को लेकर कई देशों पर निर्भर है। लेकिन भारत की निर्भरता अब कम हो सकती है क्योंकि जोधपुर के आगोलाई में केल्क्रिट यूरेनियम मिलने की पुष्टि हुई है। यह नॉन कन्वेंशनल यूरेनियम में है जो कि दुनिया भर में केवल सात फीसदी ही उपलब्ध है। यह यूरेनियम में ग्रेनावट व रायोलाइट की चट्टानों में मिला है। गौरतलब है कि केल्क्रिट यूरेनियम आस्ट्रेलिया, नामीबिया सहित कुछ ही देशों में मिलता है। गौरतलब है कि परमाणु विभाग की ओर से थार में यूरेनियम की खोज जोधपुर की जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के भू—विज्ञान विभाग को सौंपी गई थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी की टीम ने कांकाणी, सालावास सहित कई क्षेत्रों में सर्वे किया था। थार में ग्रेनाइट व रायोलाइट चट्टानें बहुतायत में है। यहां विभिन्न प्रक्रिया के बाद कार्नोटाइट से यूरेनियम अलग किया जाएगा।