राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर और किलों की दशा सुधारने के लिए करोड़ों खर्च किए जाएंगे। मकसद यही है कि यहां की धरोहर सार संभाल हो सके तो वहीं सैलानियों को सुखद अनुभव प्राप्त हो सके। इसके लिए केंद्र सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत राजस्थान ने ऐतिहासिक किलों व विभिन्न पुरातत्व धरोहर एवं पर्यटन स्थल के हेरिटेज सर्किट के विकास और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 हजार 960 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है।
केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से जारी स्वीकृति के अनुसार कुंभलगढ़ दुर्ग (राजसमंद) के विकास के लिए 751 लाख, नाहरगढ़ (जयपुर) किले के लिए 110 लाख, बाला किला (अलवर) के लिए 166.22 लाख, रणथम्भोर दुर्ग (सवाईमाधोपुर) के लिए 80.48, खंडार फोर्ट (सवाईमाधोपुर) के लिए 224.45 लाख, गागरोन दुर्ग (झालावाड़) के लिए 283.07 लाख, चित्तौड़गढ़ दुर्ग के लिए 1156.92 लाख रुपए खर्च होंगे।
वहीं जैसलमेर फोर्ट के लिए 740.28 लाख, भटनेर दुर्ग (हनुमानगढ़) के लिए 304.90 लाख, कालीबंगा (हनुमानगढ़) के विकास के लिए 43.37 लाख, जालोर फोर्ट के लिए 882.52 लाख, प्रताप गौरव केंद्र, उदयपुर के लिए 716.38 लाख, धौलपुर के बाग ए नीलोफ़र के लिए 58.20 लाख, पुरानी छावनी, धौलपुर के लिए 68.45 लाख, मीराबाई स्मारक, मेड़ता (नागौर) के लिए 208.94 लाख, गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) के लिए 685.14 लाख तथा फेसाड एल्यूमिनेशन ऑफ जयपुर सिटी पार्ट-वन के लिए 2689.99 लाख, पार्ट-टू के लिए 415 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की गई है।