फैसले के बाद जेल जाते रिटायर्ड इंजीनियर मोहनदास
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82 साल के एक रिटायर्ड इंजीनियर पर चले 25 साल पुराने मामले में आज फैसला आया है जिसके बाद उसे अब बुढ़ापे में जेल की हवा खानी पड़ेगी।
कोटा की एसीबी कोर्ट ने आज आय से अधिक संपति रखने के 25 साल पुराने मामले में सजा सुनाते हुए नगर निगम के रिटायर्ड इंजीनियर को पांच साल कैद की सजा सुनाई है विशिष्ट लोक अभियोजक एहसान अहमद खान ने बताया कि मामला साल 1992 का है, जब आरोपी मोहनदास मरचुनिया नगर निगम में सहायक अभियंता के पद पर तैनात था। उस दौरान एसीबी ने आय से 23 लाख रुपए अधिक पाए जाने पर केस दर्ज किया था।
आज करीब 25 साल बाद एसीबी कोर्ट ने 82 वर्षीय आरोपी मोहनदास मरचुनिया को दोषी माना और 5 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी की संपति से चक्रवृद्धि ब्याज सहित तकरीबन 80 लाख रुपए की राशि वसूलने के भी आदेश दिए हैं।