प्रदेश मे अचानक ही स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं और मरीज बेहाल हैं। प्रदेश के जयपुर सहित छह प्रमुख मेडिकल कॉलेज के 1000 से अधिक प्रोफेसर, अधीक्षक, सीनियर रेजिडेंट ने इस्तीफे दे दिए है। मामला जयपुर से प्रारंभ हुआ, जब यहां के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य विभाग के एक आदेश के विरोध में बुधवार को सामूहिक इस्तीफे दे दिए थे। इसके बाद गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ के साथ भी इन चिकित्सक की वार्ता विफल हो गई। इसके बाद गुरवार दोपहर तक प्रदेश के अजमेर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर व जोधपुर से भी चिकित्सकों के सामूहिक इस्तीफे की खबर आ गई।
इधर, एसएमएस में संविदाकर्मियों की हड़ताल भी जारी है, जिससे परेशानी में ओर ईजाफा हो गया है। स्वास्थ्य सेवा चरमराने से हजारों की संख्या में मरीज प्रभावित हो रहें है। एसएमएस अस्पताल में हो रहे हंगामा जल्द ही थमता नजर नहीं आ रहा हैं गुरुवार को मेडिकल टीचर्स और चिकित्सा मंत्री के बीच हुई वार्ता विफल हो गई हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का कहना है कहा कि सरकार इस मामले में स्पष्ट नहीं है।
तो यह है समस्या
अखिल राजस्थान चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कर्मचारी महासंघ ने मांग की है कि लैब टेक्नीशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर, प्रयोगशाला सहायक, वार्ड ब्वॉय आदि कर्मचारियों को नियमित किया जाए। वहीं चिकित्सक सरकार के इस आदेश का विरोध कर रहें है जिसमें कहा गया है मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले मेडिकल अफसरों को आचार्य, सह-आचार्य और सहायक आचार्य के समतुल्य माना जा सकेगा।
करना पड़ा था विरोध का सामना
अस्पताल प्रशासन के अनुसार जो लोग विरोध में सम्मलित है उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया जा सकता है। गौरतलब है कि बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ को भी एसएमएस अस्पताल में विरोध का सामना करना पड़ा था।