सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई 17 वर्षीय बालिका जिंदा रहते हुए भी दूसरों को एक नई जिंदगी देने जा रही है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह में बालिका के लिवर एवं किडनी को दूसरे मरीजों के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जाएगा। जिसके बाद वो मरीज एक बार फिर से नई जिंदगी की शुरुआत कर सकेगा।
सवाई मानसिंह अस्पताल के अधीक्षक डॉ.डीएस मीणा ने बताया कि भरतपुर निवासी 17 वर्षीय बालिका दीप्ति गुप्ता को एक सड़क हादसे के बाद जयपुर रैफर किया गया था। दुर्घटना में बुरी तरह घायल दीप्ति के दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था, जिससे अब ना तो वो कुछ महसूस कर सकती है और ना ही कोई प्रतिक्रिया दे सकती है। हालांकि, उसके शरीर के बाकि अंग अच्छी तरह काम कर रहे हैं।
दीप्ति का इलाज कर रही डॉ.जितेन्द्र हिंगोनिया व उनकी टीम ने दीप्ति के परिजनों से अंग प्रत्यारोपण कराने के लिए प्रोत्साहित किया। जिसके बाद दीप्ति के परिजन प्रत्यारोपण के लिए तैयार हुए। सवाई मानसिंह अस्पताल से दीप्ति के हार्ट को मुंबई के फोर्टिस अस्पताल भिजवाया गया है। वहीं, दीप्ति की एक किडनी और लिवर एसएमएस अस्पताल में ही ट्रांसप्लांट की जाएगी। हालांकि, दीप्ति की एक किडनी अन्य मरीज से क्रॉस चैक नहीं होने के कारण उसको जयपुर स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में रखवाया गया है।
सवाई मानसिंह अस्पताल अधीक्षक डॉ.डीएस मीणा ने बताया कि अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ.विनय तोमर और यूरोलॉजी विभाग के आचार्य डॉ.एस.एस यादव एवं डॉ.धनंजय अग्रवाल की देखरेख में की जाएगी। वहीं लिवर ट्रांसप्लांट दिल्ली के एक अस्पताल के डॉ.पामेचा समेत 7 डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जाएगा।