राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री शहरी जनकल्याण योजना—2017 के तहत जमीन के पट्टे जारी करने के लिए अभियान चला रखा है। अभियान की सफलता के बड़े—बड़े दावे किए जा रहे है, लेकिन राज्य की 36 शहरी निकाय ऐसे भी हैं जिन्होंने इस अभियान में एक भी पट्टा नहीं दिया।
इस अभियान के तहत शहरी निकायों में कैम्प लगाकर पट्टा देने और अन्य शहरी समस्याओं को सुलझाया जा रहा है। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश की 36 नगरीय निकायों नसीराबाद, पुष्कर, आसीन्द, जहाजपुर, देवली, उनियारा, बीकानेर, देशनोक, नापासर, बीदासर, छापर, सुजानगढ़, सादुलशहर, श्रीगंगानगर, भुसावर, रूपवास, अलवर, भिवाड़ी, खैरथल, किशनगढ़बास, महुवा, बगरू, चौमूं, बग्गड़, मंडावा, पिलानी, खंडेला, रामगढ़ शेखावाटी, बाली, जैतारण, माउंट आबू, पिण्डवाडा, इन्द्रगढ़, केशवरायपाटन, कुशलगढ़ एवं आमेट द्वारा मुख्यमंत्री शहरी जनकल्याण योजना के तहत अब तक एक भी पट्टा जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले को सरकार ने गंभीर माना है और संबंधित निकायों के आयुक्त एवं अधिशासी अधिकारियों को 17 सीसीए के नोटिस देकर जबाव मांगा गया है।