कोटा शहर की अधीनस्थ अदालत ने साल 2012 में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या मामले में 13 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मामले की सुनवाई करते हुए जज गिरिश अग्रवाल ने कोटा के कैथुन इलाके में साल 2012 में हुए धनपाल हत्याकांड में नामजद 13 आरोपियों को धारा 147 के तहत दंगा भड़काने का प्रयास और धारा 148 के तहत गैर कानूनी रूप से हथियार रखने,धारा 450 के तहत जबरन घर में दाखिल होने,धारा 307 के तहत हत्या का प्रयास करने और धारा 302 के तहत हत्या करने का दोषी पाते हुए सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मामले को लेकर अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने धनपाल के घर में जबरन घुसकर उसपर और उसके छोटे भाई सुनील पर हथियारों से हमला किया था जिसमें धनपाल की मौत हो गई थी जबकि सुनील बुरी तरह घायल हो गया था। बाद में पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि मामला आपसी रंजिश से जुड़ा था।