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मैं औरत हूं और एक औरत ने ही मेरा रेप किया, वो भी सार्वजनिक जगह पर

Wed, 30 Aug 2017 09:06 AM IST
बीबीसी, हिंदी
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18 साल पहले एक अनजान औरत ने हिंसात्मक तरीके से मेरा बलात्कार किया था। वो भी एक सार्वजनिक जगह पर। इसके बाद मैं भागकर सीधे घर पहुंची और शावर के नीचे बैठ गई थी। मैं पूरी तरह सुन्न हो गई थी। मुझे इस बात की चिंता थी कि अगर लोग मेरे चेहरे पर चोट के निशान देखेंगे तो मैं उन्हें क्या बताऊंगी।
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अगले दिन मैंने अपनी पार्टनर (महिला) को इस बारे में बताया। उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि एक लड़की भला दूसरी लड़की का रेप कैसे कर सकती है। उसका ऐसा रवैया देखकर मैं बिल्कुल अलग-थलग महसूस करने लगी। लोग औरतों को दयालु और प्यार लुटाने वाली के तौर पर देखते हैं। उनके लिए यह स्वीकार करना आसान नहीं होता कि औरतें भी क्रूरता कर सकती हैं।

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बात अगर रेप की करें तो यह सेक्स नहीं बल्कि हिंसा का एक रूप है। जरूरी नहीं है कि दो महिलाओं के बीच सेक्स हमेशा सहमति से हो, यह जबरदस्ती भी हो सकता है। जब मेरी पार्टनर ही मेरी बात नहीं समझ पा रही थी तो पुलिस से मैं ये उम्मीद कैसे करती? मैंने इस बारे में जानकारी और मदद ढूंढने की कोशिश की, लेकिन मुझे कुछ खास नहीं मिला। कुछ साल बाद 2010 में मैंने प्लिमथ यूनिवर्सिटी में 'ऑक्युपेशनल थेरेपी' प्रोग्राम पढ़ाना शुरू किया। 
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इस दौरान मुझे महिलाओं का महिलाओं के द्वारा (वीमन टू वीमन) रेप पर रिसर्च करने का मौका मिला। मैंने एक सर्वे किया और औरतों से पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि एक महिला दूसरी महिला का यौन शोषण कर सकती है? मुझे 159 महिलाओं ने अपने जवाब भेजे। इसमें से 59 ने कहा कि किसी महिला ने उनका यौन उत्पीड़न किया है। 38 ने कहा कि उन्होंने ऐसी घटनाओं के बारे में सुना है जिसमें एक महिला ने दूसरी महिला के साथ जबरदस्ती की।

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सरकार इनका ब्योरा नहीं रखती। बीबीसी रेडियो 4 के 'वीमन्स आवर' कार्यक्रम में मैंने रेप क्राइसिस की सीईओ व्योने ट्रायनोर से बात की। उनका कहना था कि 10% औरतें ऐसी हैं जो दूसरी औरतों का यौन शोषण करती हैं। अपने रिसर्च के दौरान मैंने तकरीबन एक साल तक 11 महिलाओं से विस्तार से बातचीत की। उनमें से ज्यादातर का कहना था कि ऐसे रेप की कोई कानूनी परिभाषा नहीं है इसलिए वे अदालत में जाने से हिचकिचाती हैं। यौन उत्पीड़न और रेप पीड़ित इन महिलाओँ का कहना है कि उन्हें सपोर्ट नहीं मिलता। ऐसे में जरूरी है कि समाज और कानून सच्चाई का सामना करे।

 
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