अमेरिकी न्यूरोलॉजिस्ट वॉल्टर फ्रीमैन का नाम कुख्यात डॉक्टरों फेहरिस्त में आता है। इस डॉक्टर पर दिमाग का ऑपरेशन करने की ऐसी सनक सवार हुई कि हजारों लोगों के प्राण हर लिए। एकबार फ्रीमैन ने एक दिन में ही 20 लोगों के दिमाग को छैनी-हथोड़े से खोल डाला। दिमाग के ऑपरेशन से गुजरने वालों का आंकड़ा जब साढ़े तीन हजार पहुंच गया तो सरकार ने इस डॉक्टर की प्रेक्टिस पर बैन लगा दिया। फ्रीमैन से इलाज कराने वालों में ज्यादातर के प्राण पखेरू उड़ गए थे।
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मार्सेल पेटिओट
- फोटो : वंडर्सलिस्ट.कॉम
मार्सेल पेटिओट फ्रेंच फिजीशियन था लेकिन सीरियल किलर का तमगा लेकर दुनिया से रुख्सत हुआ। पेटिओट ने 60 लोगों को मौत की नींद सुलाया। एक पागलघर में इंटर्नशिप करने के बाद पेटिओट ने निजी चिकित्सालय खोला। पुलिस को पेटिओट के घर से मानव शरीर के अंग मिले। अदालत में मुकदमा चला। अदालत के आदेश पर 25 मई 1946 को पेटिओट का सिर कलम कर दिया गया।
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जयंत पटेल
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'डॉक्टर डेथ' के नाम से कुख्यात भारतीय डॉक्टर जयंत पटेल ने अमेरिका में काम किया फिर ऑस्ट्रेलिया में। साल 2003 से 2005 तक पटेल ने मेडिकल में अपने अपूर्ण ज्ञान की वजह 87 लोगों की इलाज के दौरान जान ले ली। पटेल ने अकारण ही मरीजों के ऑपरेशन किए। यहां तक की दूसरे डॉक्टरों के मरीजों को भी नहीं छोड़ा। पटेल ने नकली कागजातों का भी इस्तेमसाल किया। 2010 में पटेल को कई लोगों की मौत का दोषी पाया गया और 7 साल कैद की सजा सुनाई गई।
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कार्ल क्लाबर्ग
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कार्ल क्लाबर्ग उन जर्मन फिजिशियनों में से एक है जिन्होंने नाजी यातना शिविरों के अभागे केदियों पर प्रयोग किए। कातिल प्रयोगों के लिए क्लाबर्ग की पहली पसंद महिलाएं थीं। महिलाओं पर इसने दरिंदगी वाले तरीकों से नसबंदी के प्रयोग किए। क्लाबर्ग सीधे महिलाओं के गर्भाशय में एसिड का इंजेक्शन लगा देता था। क्लाबर्ग के घटिया और जानलेवा प्रयोगों से 700 महिलाएं गुजरीं, जिनमें ज्यादातर की मौत हो गई। बाद में रूसी सेना ने क्लाबर्ग को गिरफ्तार किया लेकिन उसे रिहा कर दिया गया। उसे दोबारा दबोचा गया लेकिन कोर्ट में सुनवाई के लिए जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
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शिरो इशी
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शिरो इशी जापानी माइक्रोबायोलॉजिस्ट था। इसी के साथ दूसरे चीन-जापान युद्ध के दौरान वो जापानी सेना के बायोलॉजिकल वेलफेयर यूनिट का लेफ्टिनेंट जनरल भी था। उसने अपने प्रयोग साल 1942 में शुरू किए। उसने प्लेग और एंथ्रेक्स जैसे खतरनाक रोगों से युद्ध के कैदियों और कभी-कभी स्थानीय नागरिकों को अवगत तो कराया, लेकिन बाद में पाया गया कि उसके इलाज से हजारों लोग मर रहे थे। ऐसा होते देख अमेरिकी सेना ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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हरोल्ड शिपमैन
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ब्रिटिश डॉक्टर हरोल्ड शिपमैन को इतिहास के सबसे खतरनाक सीरियल किलर्स में से एक माना जाता है। उसने साल 1974 में मेडिकल प्रेक्टिस शुरू की लेकिन कुछ ही समय में उसने दो सौ से ज्यादा लोगों के प्राण हर लिए। साल 1998 में उसकी आपराधिक गतिविधियां उजागर हुईं। और साल 2004 में उसने खुद ही जेल में ही फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
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जॉन बोडकिन एडम्स
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साल 1946 से 1956 तक यानी पूरे एक दशक में ब्रिटिश डॉक्टर जॉन बोडकिन एडम्स ने करीब 160 लोगों को इलाज के दौरान इस दुनिया से उठा दिया। मरने वालों में ज्यादातर लोग उम्रदराज थे। ये डॉक्टर आखिरी दम तक मरीजों पर जानलेवा प्रयोग करता रहा और उन्हें मौत की नींद सुलाता रहा।
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हेनरी होवार्ड होम्स
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डॉक्टर हेनरी होवार्ड होम्स का नाम अमेरिकी इतिहास के शुरूआती सीरियल किलर्स में दर्ज है। होम्स ने मिशीगन मेडिकल स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान लाशें चुराना और फिर उनकी दुर्गति कर दुर्घटना से मिलने वाला बीमा हड़पना होम्स के लिए बहुत आम बात थी। तलघर में इस डॉक्टर ने ना जाने कितनों को यातनाएं देकर मार डाला। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं थीं। इसकी हैवानियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ये डॉक्टर लाशों से कंकालतंत्र अलग करता और उन्हें बतौर मॉडल जमा कर लेता था। साल 1897 में होम्स को फांसी पर लटकाकर मौत के घाट उतार दिया गया।
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माइकल स्वैंगो
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अमेरिकी डॉक्टर माइकल स्वैंगो पर 60 लोगों को मारने का इल्जाम लगा लेकिन तीन लोगों की मौत में इसका हाथ पाया गया। ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में इंटर्नशिप के दौरान नर्सों ने पाया कि जो मरीज स्वैंगो की देखभाल में थे, उनकी रहस्यमयी तरीके से मौत हो रही थी। इलिनियोस में काम करने के दौरान स्वैंगो ने अपने सहकर्मियों को जहर देना शुरू कर दिया। रिहा होने के बाद उसने फर्जी कागज बनाए और जिम्बाब्वे में बतौर डॉक्टर काम करना शुरू कर दिया।
जोसेफ रूडोल्फ मेंगेल को इतिहास का सबसे कुख्यात डॉक्टर माना जाता है। इस बात की तस्दीक करता है इस डॉक्टर को मिला 'एंजेल ऑफ डेथ' यानी 'मौत का फरिस्ता' का तमगा। स्नातक करने के साथ ही सेना में भर्ती होने के बाद इसने नाजी एकाग्रता शिविरों में इसने अपने घातक प्रयोग शुरू किए। अंग-विच्छेदन करना, नसबंदी करना, सीरम के इंजेक्शन देना, करंट लगाना आदि इसके चिकित्सकीय प्रयोगों का हिस्सा था। कम ही लोग इसके जानलेवा प्रयोग को झेल पाए। युद्ध के बाद ये दक्षिण अमेरिका भाग गया और इस प्रकार गिरफ्तारी से बच गया। सो्र्स-वंडर्सलिस्ट