वो 12 साल तक देवभूमि में रहा। उसकी वेशभूषा ऐसी थी कि लोग उसे साधु समझते रहे। लेकिन भगवा चोले की आड़ में वो बच्चों और नौजवानों कीजिंदगी में नशे का जहर घोलता रहा। वो साधु नहीं, एक तस्कर निकला। चरस की सप्लाई करने वाला तस्कर। यूपी-नेपाल बॉर्डर के पास नेपाल के पोखरा हवाई अड्डे से ऑस्ट्रिया के लिए उड़ाने भरने की तैयारी कर रहे शख्स की तलाशी ली गई तो ये चौकाने वाली हकीकत सामने आई।
साधु की शक्ल में शातिर तस्कर को पुलिस और कस्टम की साझा कार्रवाई में दबोचा गया। तस्कर के गिटार से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई। सबसे चौकाने वाली बात ये है कि वो पूरे 12 साल तक हिमाचल के सोलन में स्कूल के बच्चों और कॉलेज के छात्रों को चरस की सप्लाई करता रहा और किसी को भी इस बात की भनक तक नहीं लगी।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्त में आया तस्कर ऑस्ट्रिया का नागरिक है। वो अर्से से देश-विदेश में चरस की तस्करी को अंजाम दे रहा था। इसी सिलसिले में आरोपी ऑस्ट्रिया जाने की तैयारी में था।
पुलिस की गिरफ्त में पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद कबूला है कि वह चरस की तस्करी कर रहा था।