फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंदूक के साथ सेल्फी लेते वक्त ठांय से चली गोली, शख्स की मौत

Sat, 05 Mar 2016 02:24 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • कनपटी पर बंदूक रखकर ले रहा था सेल्फी, चली गोली, गई जान
  • सेल्फी लेते वक्त प्रेमिका थी साथ में, पुलिस कर रही है पूछताछ
  • अब दुनियाभर में 27 लोग चढ़ चुके हैं जानलेवा सेल्फी की बलि
विज्ञापन
मौत की सेल्फी! - फोटो : demo pic
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका के वॉशिंगटन में सेल्फी लेते वक्त एक शख्स की मौत हो गई। शख्स बंदूक के साथ सेल्फी ले रहा था। सेल्फी लेते वक्त उसकी प्रेमिका भी साथ में थी। जरा सी लापरवाही हुई और सेल्फी की मस्ती मौत के मंजर में तब्दील हो गई। ली जा रही सेल्फी जिंदगी की आखिरी तस्वीर बन गई। 
विज्ञापन


अंग्रेजी साइट इंडिपेंडेंट की खबर के मुताबिक बंदूक में गोली थी। सेल्फी लेते वक्त गोली चल गई और शख्स की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक का नाम तो उजागर नहीं किया है। लेकिन दुर्घटनावश हुई वारदात की बिनाह पर मामले की तफ्तीश कर रही है। 

मृतक की प्रेमिका से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक प्रेमी जोड़े ने दिन भर सेल्फी लेने के प्रोग्राम चालू रखा। बंदूक के साथ हर दफा सेल्फी लेने से पहले उन्होंने बंदूक से गोलियां निकाल दीं। लेकिन जब आखिरी सेल्फी लेने की बात आई तो प्रेमी जोड़ा बंदूक से गोली निकालना भूल गया। 
विज्ञापन


और जैसे ही कैमरे के सामने बंदूक को कनपटी पर रखकर ट्रिगर दबाया, शख्स की खोपड़ी के परखच्चे उड़ गए।

पुलिस की मानें तो ऐसा पहली दफा नहीं है जब बंदूक के साथ सेल्फी लेने से इस तरह की वारदात हुई हो। अब तक दुनिया भर में 27 मामलों में लोग सेल्फी लेने के चक्कर में काल के मुंह में समां गए। चौकाने वाली बात ये है कि आधे मामले भारत से हैं।

रूस में तो बाकायदा सेल्फी के इस खतरे से वाकिफ कराने के लिए रूसी सरकार के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने पर्चे तक छपवाए। जिनमें लिखा था 'ए सेल्फी विद गन किल्स' यानी बंदूक से साथ सेल्फी लेना मौत को खुली दावत देता है।

एक रूसी अधिकारी ने अंग्रेजी खबरिया समूह सीएनएन से कहा कि हम जनता को आगाह करना चाहेंगे कि सोशल नेटवर्क्स पर लाइक्स बटोरने की दौड़मौत के रास्ते पर खत्म होती है।

भारत में अब तक इस पर बात होती रही है कि सेल्फी लेने के स्थानों को भी चिन्हित किया जाए। लेकिन अभी तक ये परिकल्पना हकीकत का जामा नहीं ओढ़ पाई है। यही वजह है कि समंदर के बीच हो या भीड़-भाड़ वाले धार्मिक स्थल, लोगों में सेल्फी लेने की होड़ देखी जाती है। ऐसे में कई दफा जरा सी चूक दुर्घटना में बदलते देर नहीं लगती।

अमर अजाला अपने सभी पाठकों और देश-दुनिया के सभी नागरिकों से अपील करता है कि सेल्फी लेते वक्त सावधानी बरते। सेल्फी में आपकी मुस्कुराहट कैद करें, न कि इसे मातम मनाने का माध्यम बनने दे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें