संयुक्त राष्ट्र की ओर से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्लामिक स्टेट चरमपंथी अपने नियंत्रण वाले इलाकों में बच्चों को चरमपंथी, आत्मघाती हमलावर, जासूस और जल्लाद बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये चरमपंथी बच्चों को फांसी पर नजर रखने और कटे हुए सिरों के साथ फुटबॉल खेलने को कहते हैं।
ऐसा करके वो बच्चों को हिंसा के लिए तैयार कर रहे हैं।
शोधकर्ताओं ने पाया कि ट्रेनिंग कर रहे इन बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे चरमपंथियों से ज्यादा पाक माना जाता है क्योंकि ये बच्चे धर्मनिरपेक्ष दुनिया से ताल्लुक नहीं रखते, जिसे सही माना जाता है।
यह रिपोर्ट ब्रितानी संसद में बुधवार को पेश की जाएगी।
यह रिपोर्ट क्वालियम फाउंडेशन लंदन और कनाडा की रोमियो डालैरे बाल सैनिक ने पेश की है।