ब्रिटेन में एक भारतीय रेस्तरां संचालक पर मूंगफली मिला खाना खिलाकर हत्या करने का आरोप लगा है। सोमवार को इस बारे में अदालत में सुनवाई हुई जिसमें रेस्तरां संचालक मुहम्मद जमन को दोषी पाया गया।
हटिंग्टन स्थित अदालत ने जमन को खाने में मूंगफली के दाने मिलाकर एक शख्स की जान के लेने के जुर्म में छह साल की सजा सुनाई है। मूंगफली खाने से जिस शख्स की मौत हुई है उसे मूंगफली के दानों से एलर्जी थी।
बीबीसी के अनुसार, पॉल विल्सन नाम का 38 वर्षीय शख्स एनाफाइलेक्टिक शॉक नाम की विशेष बीमारी से पीड़ित था। अदालत ने मामले की सुनवाई में पाया कि आरोपी रेस्तरां संचालक पैसे बचाने के लिए खाने में सस्ती किस्म की चीजें मिलाई थीं।
खाना खाने के तीन सप्ताह बाद हुई मौत
पॉल विल्सन की फाइल फोटो
खबरों के अनुसार, पीड़ित विल्सन की मौत भारतीय रेस्तरां का खाना खाने के तीन सप्ताह बाद ही मौत हो गई थी। लेकिन इससे पहले डॉक्टरों ने उसकी बीमारी के जोर पकड़ने की पड़ताल की तो पता चला कि उसने मूंगफली खाई थी और इसीलिए उसकी हालत खराब हुई।
लेकिन जब विल्सन ने डॉक्टरों को रेस्तरां के आर्डर की कॉपी दिखाई तो उसमें पाया गया कि विल्सन ने अपने ऑर्डर में साफतौर से लिखा था कि उसे मूंगफली मिली हुई कोई भी डिस न दी जाए। लेकिन रेस्तरां मालिक ने उसकी बात को अनदेखा किया।
विल्सन ने रेस्तरां में चिकन टिक्का मसाला का ऑर्डर किया था। इसमें मूंगफली से बनी हुई करी थी जिससे उसे खाना खाने के साथ ही असहजता महसूस होने लगी थी। कुछ देर बाद विल्सन को शंका हुई कि उसके खाने में मूंगफली की करी डाली गई है। इसके बाद उसकी तबियत खराब हो गई और तीन सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उसकी मौत हो गई।
इस मामले की सुनवाई में अदालत ने मुहम्मद जमन को सजा सुनाते हुए सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि यह मामला रेस्तरां मालिक की लापरवाही और नकारापन को दिखाता है। जमन लोगों की सुरक्षा से ज्यादा कमाई का ध्यान रखता है।
गौरतलब है कि जमन पर तीन लाख पाउंड का कर्ज था जिससे वह खाने की लागत कम करने के लिए सस्ती चीजें मिलाता था। पैसे बचाने के लिए जमन अपने होटल में अनट्रेंड और अवैध कर्मचारी भी रखे हुए था।