ब्रिटिश संसद के बाद अब आतंकियों की नजर यहां के न्यूक्लियर पावर स्टेशनों और हवाई अड्डों पर है। ऐसा माना जा रहा है कि आतंकी अपने हैकर्स की मदद से इन जगहों की सिक्यॉरिटी हैक करके वहां बम धमाके कर सकते हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद ब्रिटेन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि आईएसआईएस और दूसरे आतंकी संगठन फोन और लैपटॉप्स को हैक करके इन प्रतिबंधित जगहों पर ब्लास्ट कर सकते हैं। आतंकियों के इस प्लान को समझने के बाद ब्रिटेन ने यात्रियों को लैपटॉप और भारी इलेकट्रोनिक उपकरण लेकर सफर करने को मना कर दिया था। आतंकियों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है।
कहा जा रहा है कि आतंकी अब अब बाईपास स्क्रीनिंग के जरिए अटैक कर सकते हैं। बाईपास स्क्रीनिंग में दूसरी डिवाइस को किसी भी जगह से मॉडरेट किया जा सकता है। बिट्रेन के एक मंत्री का कहना है कि वह अपनी साइबर सिक्यॉरिटी पर करोड़ों रुपये खर्च रहे हैं, लेकिन इन धमकियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ब्रिटेन के मुताबिक फरवरी में आई न्यूक्लियर स्ट्रेटेजी बचाव करने और साइबर धमकियों को झेलने में सक्षम हैं।