हथीन उपमंडल के छह स्थानों पर शनिवार को लोगों ने शराब ठेकों पर तालाबंदी कर दी। तालाबंदी करने में महिलाओं की भूमिका भी बढ़-चढ़कर रही। एक अप्रैल को जैसे ही नए वित्त वर्ष में प्रशासन ने रावत पाल के गांव बहीन, मानपुर, नांगलजाट, अंधोप व पहाड़ी गांव में शराब के ठेके खोले, इसके विरोध में गांवों में लोग सड़क पर उतर गए। देखते-देखते शराब ठेकों के खिलाफ भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह जैसे ही शराब ठेके खुले लोगों की भीड़ ने ठेकों को घेर लिया और धरना देने बैठ गए। इस दौरान लोगों ने ठेकों पर ताले जड़ दिए। महिलाऐं भी भारी संख्या में पहुंची।
ठेकों के सामने धरना देने वालों में पंच-सरपंच, मेंबर ब्लॉक समिति, पूर्व सैनिक व छात्र सभी वर्गों के लोग थे। उनका कहना था कि सभी ग्राम पंचायतों ने दिसंबर में ही सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर शराब के ठेके न खोलने के प्रस्ताव सरकार के पास भेजे थे। बहीन गांव के पूर्व सरपंच रामप्रसाद रावत ने बताया कि इसके लिए अधिकारियों के यहां सुनवाई भी हुई थी।
इसके बावजूद नए सेशन में शराब ठेके खोल दिए। मानपुर गांव के जगपाल, नांगलजाट के गोपाल सिंह, अंधोप के सुभाष शर्मा, पहाड़ी गांव के गोविंद सिंह ने बताया उनके गांवों की पंचायतों ने भी सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजे थे, लेकिन सरकार ने प्रस्तावों को दरकिनार करते हुए पुन: ठेके खोल दिए। इसके बाद आम आदमी के सड़कों पर उतरने के बाद प्रशासन हलचल में आया।
उपमंडल अधिकारी नागरिक सतेंद्र सिवाच मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बात की लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अडे़ रहे। ग्रामीणों ने उपमंडल अधिकारी नागरिक को शराब ठेके न खोलने का ज्ञापन भी दिया। उपमंडल अधिकारी ने बताया कि इस विषय में आबकारी एवं कराधान अधिकारियों को बुलाया गया है। ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। वहीं, हथीन के मुुख्य बाजार स्थित शराब ठेके पर राष्ट्रीय आर्य क्षत्रिय सभा व हिंदवा सूर्य महाराणा प्रताप बिग्रेड के कार्यकर्ताओं ने ताला जड़ दिया। राष्ट्रीय आर्य क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष गजराज आर्य व महाराणा प्रताप बिग्रेड के अध्यक्ष संग्राम सिंह ने बताया कि शराब ठेका धार्मिक स्थल के निकट है और नियमों का उल्लंघन करके खोला गया है। इस विषय में जिला प्रशासन को पहले ही ज्ञापन देकर ठेका न खोलने की मांग की जा चुकी है।