भारतीय फार्मा कंपनी जायडस कैडिला ने भी वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें कंपनी 1048 लोगों पर वैक्सीन को परखेगी। डीजीसीआई ने पिछले महीने परीक्षण के लिए कंपनी को अनुमति दी थी। क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया ने बताया कि परीक्षण इनक्ल्यूजन और एक्सक्ल्यूजन नीति पर होगा। इनक्ल्यूजन के पहले चरण में 18 से 55 वर्ष के पुरुष-महिलाओं पर अध्ययन होगा।
कंपनी ने स्पष्ट किया, पहले चरण का परीक्षण 0 से 84 दिन तक चलेगा जिसमें स्वस्थ लोगों पर वैक्सीन के सुरक्षा मानकों को परखा जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण का परीक्षण 0 से 224 दिन चलेगा जिसमें त्वचा के भीतर वैक्सीन देने के बाद प्लेसीबो वाले लोगों से उनकी तुलना की जाएगी।
गृह मंत्रालय की स्थायी समिति ने वैक्सीन पर चल रहे काम के बारे में जानकारी ली है। समिति ने कहा, कोरोना की दवा किसी हाल में महंगी नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रजेंटेशन के जरिए महामारी और वैक्सीन संबंधी प्रोजेक्ट की जानकारी दी। सदस्यों ने कहा कि दवा कंपनियां महंगी दवाओं को बढ़ावा दे रही हैं। सस्ती दवाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। कोरोना की दवाओं की कालाबाजारी पर भी मंथन हुआ और इसके रोकने पर भी चर्चा हुई।