असम के चर्चित K9 डॉग स्क्वायड का पहला सदस्य जोरबा का निधन हो गया है। उसने आठ साल की उम्र में अंतिम सांस ली। वहीं भारत के प्रमुख जैव विविधता संरक्षण संगठनों में से एक, आरण्यक ने आज अपने पहले k9 इकाई सदस्य जोरबा के निधन पर शोक व्यक्त किया। संगठन ने पूरे सम्मान के साथ जोरबा का अंतिम संस्कार किया। निधन के बाद कई लोगों ने जोरबा के ऊपर माल्यार्पण किया।
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जोरबा ने 60 से अधिक शिकारियों का पता लगाने में सहायता की थी
भारत के अग्रणी जैव विविधता संरक्षण संगठनों में से एक, आरण्यक ने 2011 में जोरबा नाम के एक बेल्जियम मालिंस कुत्ते के साथ वन्यजीव अपराधों की जांच के लिए देश का पहला कुत्ता दस्ता स्थापित किया था। जोरबा असम में विभिन्न राइनो संरक्षण क्षेत्रों में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य और ओरंग राष्ट्रीय उद्यान सहित आठ वर्षों से अधिक समय से अवैध शिकार विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से लगा हुआ था। इस अवधि के दौरान, जोरबा डॉग ने वन्यजीव अधिकारियों को राज्य में 60 से अधिक शिकारियों का पता लगाने में सहायता की।