विवादित कट्टरपंथी इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) आरोपपत्र दाखिल करेगी। नाईक पर मनी लांड्रिंग और आतंकी फंडिंग का आरोप लगा है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल जुलाई में देश छोड़कर भाग चुके नाईक के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और इस हफ्ते विशेष अदालत में इसे जमा कर दिया जाएगा।
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टेलीविजन के माध्यम से इस्लामिक कट्टरपंथ का प्रचार करने वाले 51 वर्षीय जाकिर नाईक के खिलाफ एनआईए मनी लांड्रिंग और आतंकी संबंध की जांच कर रही है।
पिछले साल जब बांग्लादेश के कुछ आतंकियों ने दावा किया कि वे नाईक के भाषणों से प्रभावित हुए हैं तो 1 जुलाई, 2016 को वह भारत से भाग गया। इसके बाद एनआईए ने 18 नवंबर, 2017 को अपनी मुंबई शाखा में आईपीसी और गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम के तहत नाईक के खिलाफ एक मामला दर्ज किया।
वहीं गृह मंत्रालय ने पहले ही मुंबई में स्थित उसके गैर सरकारी संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया है। वहीं खबरें यह भी हैं कि उसने सऊदी अरब की नागरिकता ग्रहण कर ली है हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।