विवादित इस्लामी प्रचारक जाकिर नाईक ने प्रत्यर्पण से बचने के लिए शनिवार को नया पैंतरा चलते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार ने उसे कश्मीर मुद्दे पर समर्थन करने को कहा था। इसके बदले सरकार ने भारत लौटने पर उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपमुक्त करने को कहा था।
नाईक ने अपनी पीआर टीम के जरिए जारी एक वीडियो कहा कि सितंबर में पीएम मोदी और गृहमंत्री के निर्देश पर सरकार के एक प्रतिनिधि ने उससे संपर्क किया और कश्मीर पर डील पेश की थी। जाकिर के मुताबिक कई घंटे चली मुलाकात में प्रतिनिधि ने कहा, वह सरकार और नाईक के बीच गलतफहमी दूर करेगा।
इसके बदले नाईक को कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर सरकार का समर्थन करना होगा। नाईक ने बताया कि डील ठुकराने के बाद उसे पीएम मोदी और भाजपा के खिलाफ सार्वजनिक बयान जारी करने से भी रोका गया था। जाकिर तीन साल से मलयेशिया में छिपा है। भारत ने उसे देश के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने के मामले में भगोड़ा घोषित किया है। उसके खिलाफ ढाका की होली आर्टिसन बेकरी में जुलाई 2016 में धमाका कराने के मामले में भी जांच चल रही है।