सीएए और एनआरसी को लेकर अब भाजपा में भी दो फांड़ देखने को मिल रही है।सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश में भाजपा माइनॉरिटी सेल के कार्यकर्ता हालाहीं में खुलेआम सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए हैं। जहां कुछ मुस्लिम नेताओं ने खुलेआम सीएए और एनआरसी का विरोध किया तो वहीं कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा तक दे दिया।
इन नेताओं में आदिल खान, भाजपा के अल्पसंख्यक विंग भोपाल के जिला अध्यक्ष और मीडिया सेल के प्रभारी जावेद बेग भी शामिल हैं। इस महीने की शुरुआत में, भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव अकरम खान ने एक वर्ग-विशेष पर अभद्र टिप्पणी के कारण इस्तीफा दे दिया। उनके साथ ही मस्जिद समिति के पूर्व अध्यक्ष और मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड के सदस्य अब्दुल हकीम कुरैशी ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
कुरैशी, पिछले 25 साल से भाजपा के साथ थे और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी सहयोगी माने जाते थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर के लोग समुदाय विशेष पर टिप्पणी कर रहे थे और मुस्लिमों के साथ बाहरी लोगों जैसा व्यवहार करते थे, जबकि उन्होंने (मुस्लिमों) लंबे समय तक पार्टी की सेवा की है।
इन दोनों शीर्ष नेताओं के इस्तीफे के बाद, कई अन्य लोग उनके नक्शेकदम पर चलने और भाजपा छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। अल्पसंख्यक विंग के नेता नासिर शाह को सीएए के बारे में खुलकर असंतोष व्यक्त करते हुए देखा गया था, जबकि आदिल खान ने फेसबुक पर सीएए विरोध में नोटिस पोस्ट किया था। शनिवार को भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक बैठक बुलाई गई है, ताकि यह तय किया जा सके कि क्या सदस्यों को इस मुद्दे पर पार्टी का साथ देना चाहिए या सीएए-एनआरसी को अपना विरोध दिखाने के लिए पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए।
फेसबुक पर आदिल खान की पोस्ट ने खुले तौर पर भाजपा के अल्पसंख्यक सदस्य को 11 जनवरी की बैठक में भाग लेने बुलाया गया था, जो सीएए के विरोध में है। इसी तरह, सेल के मीडिया प्रभारी जावेद बेग ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि भाजपा अब वैसी नहीं है, जैसी अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और आरिफ बेग के समय थी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए भाजपा में अब कुछ नहीं है।
उन्होंने कहा कि हम अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं की पार्टी में शामिल हुए थे। लेकिन इसने अपना रास्ता खो दिया है। हमने अपना रक्त और पसीना इसके लिए खर्च कर दिया है। आरिफ बेग ने कहा कि जब भी कुछ गलत होता है, तो उसे बोलना चाहिए। भाजपा के कई मुस्लिम नेताओं ने कहा है कि पार्टी नागरिकता के मुद्दे और अपने रुख के बारे में बारे में उन्हें अंधेरे में रख रही है।
कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान के बारे में नहीं बताया गया। इसके अलावा पार्टी के सदस्यों पर सामुदायिक-विशिष्ट टिप्पणियों करने का भी आरोप है।इतने लंबे समय तक पार्टी की सेवा करने के बाद भी कुछ मुस्लिम कार्यकर्ताओं को पाकिस्तान और बांग्लादेश जाने के लिए भी कहा जाता है।