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आईएस में शामिल होने गए कल्याण के 4 युवा भी थे जाकिर नाईक से प्रभावित

Sat, 09 Jul 2016 02:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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मुंबई के रहने वाले इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाईक को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। पता चला है कि  मुंबई के कल्याण से आईएस में शामिल होने गए 4 युवा भी जाकिर नाईक से प्रभावित थे। इस बात का खुलासा अजीब मजीद ने किया है।
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अजीब मजीद, उन चार युवाओं में शामिल था जो आईएस में शामिल होने के लिए गए थे। हालांकि बाद में मजीद वापस आ गया और आईएस से लिंक के चलते उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी से पूछताछ में अरीब मजीद ने कबूल किया है कि वह जाकिर नाईक से प्रभावित था। नाईक के लेक्चरों से प्रभावित होकर ही उसका मन इस्लाम में जमने लगा। शुरू में इस्लाम की बातें समझने के बाद उसका मन कट्टर इस्लाम की ओर मुड़ गया।
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बता दें कि जाकिर नाईक को लेकर विवाद तब सामने आया जब बांग्लादेश के ढाका में हुए हमले में शामिल आतंकियों में से दो ने कबूल किया वह जाकिर नाईक के लेक्चरों से प्रभावित थे।

इंडियन मुजाहिदीन के दरभंगा माड्यूल से भी जुड़े तार

इंडियन मुजाहिदीन के दरभंगा माड्यूल में भी जाकिर नाईक के संबंध होने की जानकारी मिल रही है। दरभंगा माड्यूल का भंडाफोड़ साल 2010-11 में सुरक्षा एजेंसियों ने किया था। पता चला है कि इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े सदस्यों के लिए दरभंगा लाइब्रेरी में जाकिर नाईक के लेक्चर्स की कॉपियां मौजूद थी। जानकारी मिल रही है कि नाईक के लेक्चरों से ही आतंकी माड्यूल पर असर नजर आता था, इसमें संस्थापक यासीन भटकल भी शामिल था।

जाकिर नाईक लेक्चर्स से युवाओं पर क्या असर है ये ढाका में हुए हमले में शामिल 7 आतंकियों में से 2 के खुलासे से पता चलता है। इन आतंकियों ने ढाका के कैफे में हमला किया था, वहां 20 लोगों को बंधक बनाकर काट दिया था।

ढाका की तरह ही कल्याण के युवा- अरीब मजीद, फहाद शेख और अमान तंदेल भी आईएस में शामिल हुए। ये सभी युवा अच्छे पढ़े लिखे परिवार से थे और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। केवल सहीम टंकी, जो इन युवाओं के साथ आईएस में शामिल होने गया था, एचएससी में फेल था।
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नाईक की बातों का युवाओं पर गहरा असर

टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि मजीद ने एनआईए को बताया कि वह नाईक के लेक्चर्स से प्रभावित होकर ही धार्मिक हुआ। उसने बताया कि वह नाईक धर्म का बड़ा जानकार मानता था। 2014 में उसे आईएस के बारे में पता चला और ईराक-सीरिया में उनकी गतिविधियों की जानकारी हुई। इसके बाद फेसबुक और सोशल मीडिया के जरिए टर्की, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, ईराक और अमेरिका में भी लोगों से बात करने का मौका मिला।

दरभंगा के दर-उल-किताब-सुन्ना लाइब्रेरी में जाकिर नाईक की कई किताबें, भाषण, फोटोग्राफ मिले हैं। ये लाइब्रेरी करीमगंज क्षेत्र के अल-हीरा पब्लिक स्कूल के पास मौजूद है। साल 2012 में एनआईए ने रक्सौल से यासीन भटकल को गिरफ्तार किया था।

यासीन भटकल ने दरभंगा में रहने के दौरान 2011 तक इस लाइब्रेरी का बहुत इस्तेमाल किया। उसने सुरक्षा अधिकारियों से पूछताछ में कबूल किया था कि इस दौरान इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य कफील अख्तर उर्फ छोटा कफील और तहसीन उर्फ मोनू इस लाइब्रेरी का इस्तेमाल करते थे।
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