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'युवा हल्ला बोल': देश में युवा नेतृत्व तलाशने और तराशने को लेकर शुरू होगी बड़ी मुहिम, बेरोजगार युवा करेंगे राजनीतिक आंदोलन का नेतृत्व

Thu, 31 Mar 2022 07:43 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गुरुवार को एक प्रेसवार्ता में अनुपम ने कहा, युवा हल्लाबोल का मकसद है कि 2024 तक युवाओं की एक ऐसी फौज तैयार हो, जो देश बेचने वालों के खिलाफ पूरी ताकत से देश बचाने का संघर्ष कर सके। इस लीडरशिप प्रोग्राम के जरिए गांवों और शहरों तक 'पढ़ाई कमाई दवाई' जैसे मुद्दों पर संघर्षरत जुझारू युवाओं को राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलेगा...
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युवा हल्ला बोल की टीम - फोटो : Amar Ujala
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बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले 'युवा हल्ला बोल' के संस्थापक अनुपम ने कहा है कि राजनीतिक दलों से उम्मीद गंवा चुके युवा अब अपनी लड़ाई खुद लड़ना चाहते हैं। बेहतर भविष्य के संघर्ष को आउटसोर्स न करके, बदलाव की ज़िम्मेदारी खुद अपने हाथों में लेना चाहते हैं। विशेष तौर पर पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद अब बेरोजगार युवाओं ने निर्णय लिया है कि वे अपने राजनीतिक आंदोलन का नेतृत्व स्वयं करेंगे।

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इसी समझ के तहत युवा नेतृत्व तलाशने और तराशने के लिए अनुपम ने एक बड़ी मुहिम की शुरुआत की है। गुरुवार को एक प्रेसवार्ता में अनुपम ने कहा, युवा हल्लाबोल का मकसद है कि 2024 तक युवाओं की एक ऐसी फौज तैयार हो, जो देश बेचने वालों के खिलाफ पूरी ताकत से देश बचाने का संघर्ष कर सके। इस लीडरशिप प्रोग्राम के जरिए गांवों और शहरों तक 'पढ़ाई कमाई दवाई' जैसे मुद्दों पर संघर्षरत जुझारू युवाओं को राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलेगा।

अनुपम का कहना है कि भारत अत्यंत कठिन दौर से गुजर रहा है। देश की 70 फीसदी आबादी युवाओं की है, लेकिन इस बड़ी आबादी को अपना भविष्य अंधकार में दिखता है। 'डेमोग्राफिक डिविडेंड' डेमोग्राफिक डिजास्टर बनता जा रहा है। बेरोजगारी ने राष्ट्रीय आपदा का रूप ले लिया है। इसी असुरक्षा के भाव के कारण युवा मानसिक अवसाद में जा रहा है। लेकिन इस चिंताजनक परिस्थिति को ठीक करने की बजाए सरकार देश बेचने पर उतारू है। एक-एक कर सभी राष्ट्रीय उपक्रमों को बेचा जा रहा है। इसके चलते नौकरियों में और कटौती होती जा रही है। सरकार, बेरोजगारी का समाधान निकालने की कोई कोशिश नहीं कर रही है। सबसे दुखद है कि सरकार ये मानने को भी तैयार नहीं कि हालात इतने विस्फोटक हैं। ऐसे में हताश युवाओं के एक बड़े वर्ग में नाउम्मीदी ऐसी है कि उन्हें आत्महत्या करना ही आखिरी विकल्प दिखने लगा है। आये दिन ऐसी खौफनाक खबरें मिल रही हैं।
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अनुपम ने कहा कि युवाओं को समाधान मरने से नहीं, लड़ने से मिलेगा। इसी लड़ाई को आगे बढ़ाने और मजबूत करने के लिए लीडरशिप प्रोग्राम की शुरुआत की गई है। उन काबिल युवाओं को एक राष्ट्रव्यापी संघर्ष का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा, जो देश की सेवा करना चाहते हैं। आदर्शवादी और ऊर्जावान युवाओं के लिए यह एक बड़ा मौका है, जो संवेदनहीन सरकार और नकार दी गई पार्टियों से अलग हटकर राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने का मन बना रहे हैं।

लीडरशिप प्रोग्राम के लिए आवेदन फॉर्म भरना पड़ेगा जो 'युवा हल्ला बोल' के सभी सोशल मीडिया चैनल्स पर उपलब्ध होगा। प्रोग्राम के लिए एक हेल्पलाइन नंबर- 9810408888 भी जारी किया गया है, जिस पर संपर्क करके आवेदन फॉर्म मंगाया जा सकता है। लीडरशिप प्रोग्राम के दूसरे चरण में चयनित उम्मीदवारों का साक्षात्कार होगा। इसका पूरा कैलेंडर सार्वजनिक किया जाएगा। इस प्रोग्राम के माध्यम से चुने गए सभी युवा नेताओं के लिए मई के महीने में पालमपुर में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होगा। अंततः प्रशिक्षण शिविर से निकलकर ये सभी राष्ट्रीय युवा आंदोलन में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार होंगे।

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