युगे युगीन संग्रहालय
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भारत में जल्द दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय बनने वाला है। इसकी घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय 1.17 लाख वर्गमीटर में फैला होगा। फिलहाल फ्रांस में स्थित लूव्र संग्रहालय दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय है। आइये जानते हैं नए बनने वाले संग्रहालय की खास बातें...
युगे युगीन भारत संग्रहालय
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क्या है युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली के प्रगति मैदान में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केंद्र (आईईसीसी) परिसर राष्ट्र को समर्पित किया। इसी दौरान पीएम ने 'युगे-युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' की घोषणा की। दरअसल, यह नाम संस्कृत भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'शाश्वत या सनातन भारत'। अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (18 मई) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में इस संग्रहालय का वर्चुअल वॉक थ्रू लॉन्च किया था। इस डिजिटल माध्यम से प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद गैलरी और उद्यान कैसे दिखेंगे इसका पता चलता है।
युगे युगीन भारत संग्रहालय
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क्यों खास होगा संग्रहालय?
अगर इस संग्रहालय की खासियत के बारे में बात करें तो आठ विषय गत खंड होंगे। इतना ही नहीं, इसमें 950 कमरे भी होंगे। अधिकारियों के मुताबिक युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय 1.17 लाख वर्गमीटर में फैला होगा। इस तीन मंजिला संग्रहालय में 950 कमरे होंगे। इसके अलावा एक बेसमेंट होगा।
युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय भारत की 5,000 से अधिक वर्षों की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति का प्रदर्शन करेगा। पर्यटक भारतीय कला, वास्तुकला, संगीत, नृत्य, साहित्य और दर्शन पर प्रदर्शन देख सकेंगे। संग्रहालय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और गणित में भारत के योगदान को भी प्रदर्शित करेगा। यह भारत के समृद्ध इतिहास और संस्कृति के बारे में जानने में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए खास जगह होगी।
देख सकेंगे इतिहास की झलकियां
इस वॉक-थ्रू में भारत की प्राचीन नगर नियोजन प्रणाली (टाउन प्लानिंग सिस्टम), वेद, उपनिषद, प्राचीन चिकित्सा ज्ञान (एन्शियंट मेडिकल नॉलेज), मौर्य से गुप्त साम्राज्य, विजयनगर साम्राज्य, मुगल साम्राज्य, औपनिवेशिक शासन (जब डच, ब्रिटिश, पुर्तगाली और अन्य लोग भारत आए थे) और कई अन्य राजवंशों के शासन का जिक्र किया गया था।
राष्ट्रीय संग्रहालय के संग्रहों को किया जाएगा स्थानांतरित
एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले कहा था कि जनपथ स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय की कलाकृतियों और अन्य संग्रह को अब इसी संग्रहालय में रखा जाएगा। केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी के मुताबिक मौजूदा राष्ट्रीय संग्रहालय को कर्तव्य पथ का ही एक उप भवन बना दिया जाएगा। वर्तमान, राष्ट्रीय संग्रहालय भवन की नींव 12 मई, 1955 को प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा रखी गई थी।
युगे युगीन भारत संग्रहालय
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अभी कहां है दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय?
कुल क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा कला संग्रहालय फ्रांस की राजधानी पेरिस में 'लूव्र' है। यह सीन नदी के दाहिने ओर 3,60,000 वर्ग मीटर (38,75,000 वर्ग फुट) में फैला है। इसमें से 86,000 वर्ग मीटर (925,700 वर्ग फुट) जनता के लिए खुला है और इसमें एक शॉपिंग परिसर, रेस्तरां और कैफे शामिल हैं। अकेले संग्रहालय की बात करें तो यह 70,000 वर्ग मीटर (7,53,470 वर्ग फुट) के प्रदर्शन क्षेत्र में फैला हुआ है।
इस संग्रहालय में 6,15,797 वस्तुओं का संग्रह है, जिनमें से लगभग 35,000 जनता के लिए स्थायी प्रदर्शन पर हैं। मध्य पेरिस का ऐतिहासिक स्थल पूर्व में एक महल हुआ करता था। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स के मुताबिक, यह दुनिया में सबसे अधिक देखा जाने वाला कला संग्रहालय है। 2019 के दौरान यहां 96 लाख आगंतुक आए। लूव्र के पास संग्रहालय के रूप में उपयोग किए जाने वाले सबसे बड़े महल का रिकॉर्ड भी है।
इंडियन म्यूजियम
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भारत में सबसे बड़ा संग्रहालय कौन सा है?
वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा संग्रहालय 'भारतीय संग्रहालय' या 'इंडियन म्यूजियम' है। इसकी स्थापना 1814 में एशियाटिक सोसाइटी बंगाल (वर्तमान में 1 पार्क स्ट्रीट पर स्थित एशियाटिक सोसाइटी की इमारत) द्वारा की गई थी। यह भारतीय उपमहाद्वीप में ही नहीं बल्कि एशिया प्रशांत क्षेत्र का सबसे बड़ा बहुप्रयोजन संग्रहालय है।
एशियाटिक सोसाइटी के परिसर में दो फरवरी 1814 को डॉक्टर नथानियल वलीच के मार्गदर्शन में संग्रहालय स्थापित किया गया। यहां देश के विभिन्न विवरणों से लेकर रोचक और अद्भुत वस्तुओं तक का संग्रह किया गया है।
इंडियन म्यूजियम में भूविज्ञान, प्राणीशास्त्र, उद्योग, पुरातत्व, कला और नृवंशविज्ञान को समर्पित खंड हैं। सिक्का खंड में दुनिया में भारतीय सिक्कों का सबसे बड़ा संग्रह है। कला खंड अपने वस्त्र, कालीन, लौह-कार्य, कांच और मिट्टी के बर्तनों के लिए प्रसिद्ध है। गैलरी फ़ारसी और भारतीय चित्रकला के उदाहरण प्रदर्शित करती है और भूवैज्ञानिक खंड एशिया में सबसे बड़ा है। यहां विभिन्न एशियाई सभ्यताओं की मूर्तियों और कांस्य का एक बड़ा संग्रह है।