8 जनवरी को तिरुपति में बैकुंठ द्वार दर्शन टिकट वितरण केंद्र के पास जब भगदड़ मची थी, उस दौरान करीब 4 हजार भक्त लाइन में लगे थे। टिकट काउंटर पर भगदड़ मचने के बाद 8 लोगों की मौत हो गई थी। मामले में सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन किया था। आयोग ने हाल ही में सरकार को रिपोर्ट सौंपी है।
तिरुपति मंदिर में भगदड़ मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को वाईएसआरसीपी ने खारिज कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व टीटीडी अध्यक्ष बी करुणाकर रेड्डी ने रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। आंध्र प्रदेश सरकार ने हादसे की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस एम सत्यनारायण मूर्ति के नेतृत्व में जांच समिति का गठन किया था। उनकी टीम ने हाल ही में जांच रिपोर्ट सौंपी है।
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वाईएसआरसीपी के नेता बी करुणाकर रेड्डी ने कहा कि रिपोर्ट पूर्वनिर्धारित लगती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें घटना के लिए जिम्मेदार सभी मुख्य व्यक्तियों को छोड़ दिया गया है। जिनमें टीटीडी, राजस्व (विभाग) और पुलिस अधिकारी शामिल हैं, लेकिन चुनिंदा रूप से दो व्यक्तियों को चुनकर उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है।
रेड्डी ने दावा किया कि मुख्य लोगों को कथित तौर पर बख्श दिया गया और छोटे अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट का उद्देश्य कुछ निचले स्तर के अधिकारियों को बलि का बकरा बनाना है। पूर्व टीटीडी अध्यक्ष ने तथ्यों को सामने लाने और दोषियों को दंडित करने के लिए सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भगदड़ के समय टीटीडी कर्मचारी वीवीआईपी की सेवा में थे।
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रिपोर्ट में क्या कहा
राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस एम सत्यनारायण मूर्ति के नेतृत्व में न्यायिक आयोग को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। आयोग ने सरकार को हाल ही में रिपोर्ट सौंपी है। इसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भगदड़ के लिए दो लोग हरिनाथ रेड्डी और रमण कुमार जिम्मेदार हैं।
आठ जनवरी को हुआ था हादसा
8 जनवरी को तिरुपति में बैकुंठ द्वार दर्शन टिकट वितरण केंद्र के पास जब भगदड़ मची थी, उस दौरान करीब 4 हजार भक्त लाइन में लगे थे। टिकट काउंटर पर भगदड़ मचने के बाद 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने दुख जताया था। बाद में आंध्र प्रदेश सरकार ने भगदड़ में मरने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया था।