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YSRC: वाईएसआर कांग्रेस के आजीवन अध्यक्ष चुने गए जगन मोहन रेड्डी, पार्टी को चुनाव आयोग से लेनी होगी अनुमति

Sat, 09 Jul 2022 03:52 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती

सार

आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद मार्च 2011 में वाईएसआरसी की स्थापना की थी। स्थापना के बाद से वह अपनी मां विजयम्मा और मानद अध्यक्ष के साथ पार्टी अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे।
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी शनिवार को एक बार फिर युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस (वाईएसआरसी) के अध्यक्ष चुने गए। अब वह जीवनभर वाईएसआरसी के अध्यक्ष बने रहेंगे। अमरावती में हो रही वाईएसआरसी की दो दिवसीय वैठक के अंतिम दिन यह प्रक्रिया पूरी हुई। इस दो दिवसीय बैठक में पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया है, ताकि जगन को जीवन भर के लिए अध्यक्ष चुना जा सके।

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मां के साथ अध्यक्ष के रूप में काम कर थे जगन मोहन
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद मार्च 2011 में वाईएसआरसी की स्थापना की थी। स्थापना के बाद से वह अपनी मां विजयम्मा और मानद अध्यक्ष के साथ पार्टी अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे। इससे पहले जगन मोहन रेड्डी आखिरी बार 2017 में पार्टी प्लेनरी में वाईएसआरसी के अध्यक्ष चुने गए थे।

विजयम्मा ने दिया था पार्टी के मानद अध्यक्ष पद से इस्तीफा
इससे पहले उनकी मां विजयम्मा ने शुक्रवार को पार्टी के मानद अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा था कि वह तेलंगाना में अपनी बेटी शर्मिला के साथ काम करने के लिए वाईएसआरसी छोड़ रही हैं। जगनमोहन रेड्डी की बहन शर्मिला पड़ोसी राज्य तेलंगाना में वाईएसआर तेलंगाना पार्टी का नेतृत्व कर रही हैं। 
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मां के रूप में हमेशा जगन के साथ
पार्टी छोड़ने का एलान करते हुए विजयम्मा ने कहा, 'मैं हमेशा जगन मोहन रेड्डी के संपर्क में रहूंगी। एक मां के रूप में हमेशा जगन के नजदीक रहूंगी।'  विजयम्मा ने कहा, 'शर्मिला अपने पिता के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए तेलंगाना में अकेले लड़ाई लड़ रही है। मुझे उसका समर्थन करना है। मैं दुविधा में थी कि क्या मैं दो राजनीतिक दलों (दो राज्यों में) की सदस्य बन सकती हूं। मेरे लिए यह मुश्किल है कि मैं वाईएसआरसी के मानद अध्यक्ष बनी रहूं।'

संपत्ति विवाद की आ रही थी खबरें
गत कुछ समय से मीडिया में खबरें आ रही हैं कि जगन मोहन रेड्डी और उनकी बहन शर्मिला के बीच संपत्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। हाल के दिनों में दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई थी। इसके बाद विजयम्मा अपने बेटे से दूर रहती थीं।

चुनाव आयोग से अनुमति लेगी वाईएसआरसी 
नियमों के मुताबिक, वाईएसआरसी को अब जगन को आजीवन पार्टी प्रमुख बनाए रखने के लिए भारत के चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी। वाईएसआरसी ने इस बाबत अन्य राज्यों में कुछ क्षेत्रीय दलों द्वारा हर दो साल में चुनाव कराने की आवश्यकता के बिना जीवन भर के लिए एक अध्यक्ष रखने के लिए ईसीआई की मंजूरी हासिल करने का उदाहरण भी दिया है। 

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