बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप को बड़ी राहत मिली है। मनीष कश्यप पर लगे NSA का आरोप हटा दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, उनके खिलाफ लगे आरोपों पर महुरै कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसके बाद मदुरई कोर्ट ने उनपर लगे NSA के आरोपों को हटा दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बहस के बाद कोर्ट ने NSA हटाने का निर्देश दिया है। हालांकि इस पर आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी है। मनीष कश्यप के वकील का कहना है कि शाम 5 बजे कोर्ट का आदेश आने के बाद ही विशेष कुछ कह सकेगें। उनके वकिल भी अभी विशेष कुछ कहने से परहेज कर रहे है।
मनीष पर बिहारी मजदूरों का फर्जी वीडियो वायरल करने का आरोप
तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का फर्जी वीडियो शेयर करने को लेकर यूट्यूबर मनीष कश्यप की मुश्किलें बढ़ी थी। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जब इस केस में छापेमारी शुरू हुई तो कई दिनों तक गिरफ्तारी के डर से मनीष कश्यप बिहार छोड़कर फरार हो गया था। उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी हुई थी।
बेतिया पुलिस ने 18 मार्च को दूसरे केस में मनीष के घर की कुर्की जब्ती शुरू की तो उसने स्थानीय थाने में सरेंडर किया। उसी दिन पटना से गई EOU की टीम ने उसे अपने केस में कब्जे में लिया था। रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की और उसे जेल भेज दिया था। मनीष कश्यप के सरेंडर करने के तुरंत बाद तमिलनाडु पुलिस की टीम पटना पहुंची थी। 30 मार्च को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु पुलिस अपने साथ ले गई थी। तमिलनाडु पुलिस ने मनीष कश्यप को मदुरई कोर्ट में पेश किया था। तब से मनीष कश्यप वहां की जेल में बंद है। वहां जाने के बाद ही उसके ऊपर NSA लगाया गया। बेतिया कोर्ट में पेशी के दौरान मनीष के समर्थकों ने फूल बरसाए थे।
EOU ने चार केस दर्ज किए थे
मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी के खिलाफ पटना में EOU ने कुल चार केस दर्ज कर रखे हैं। जिसमें दो केस में यूट्यूबर की पेशी हुई। इसमें पहला केस तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की पिटाई का फर्जी वीडियो वायरल करने से जुड़ा है। दूसरा केस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मौत पर जश्न मनाने और आपत्तिजनक शब्द कहे जाने का पुराना वायरल वीडियो है। मार्च में तमिलनाडु प्रकरण के दौरान ही इस मामले में सोशल वर्कर निशांत वर्मा ने EOU से शिकायत की थी। उनके बयान पर 24 मार्च को यह केस दर्ज किया गया था।