उत्तराखंड का एक 22 वर्षीय युवक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गायकी में किस्मत आजमाने के लिए 2012 में मुंबई पहुंचा, लेकिन दो महीने बाद ही पैसे खत्म होने पर जीवन गरीबी में बीतने लगा।
परिवार से भी संपर्क में नहीं रहा। पेट भरने के लिए मंदिर, दरगाह स्थल के बाहर खाना खाने लगा। लंबे प्रयास के बाद लोकमान्य तिलक पुलिस स्टेशन ने 10 साल बाद कंचन जोशी को उसके परिवार से मिलवाया।
वरिष्ठ इंस्पेक्टर ज्योति देसाई के मुताबिक, कंचन ने 2015 में परिवार से संपर्क किया था, पर कुछ बताया नहीं। पिछले महीने मां को फोन करके कहा कि मुंबई में है। उसके बड़े भाई कृष्णचंद ने पुलिस से संपर्क किया तो कॉल डिटेल से लोकेशन मुंबई के बायकुला में मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे खोज लिया। फिलहाल, उसके परिवार के सभी सदस्य कंचन से मिलकर खुश हैं।