इंडियन यूथ कांग्रेस के अनेक कार्यकर्ता हैं जो बंगलुरु या झारखंड जैसे सुदूर राज्यों से दिल्ली तक आकर प्लाज्मा दान कर चुके हैं। प्लाज्मा की भारी किल्लत को देखते हुए कांग्रेस ने सबसे पहले अपने ही कोरोना से स्वस्थ हो चुके कार्यकर्ताओं का प्लाज्मा लोगों तक पहुंचाना शुरू कर दिया। जैसे ही लोगों को इसके बारे में पता चला लोगों ने लगातार प्लाज्मा के लिए इंडियन यूथ कांग्रेस के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करना शुरू कर दिया।
यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ कोरोना से स्वस्थ हो चुके लोगों से अपना प्लाज्मा दान करने की अपील की। उनकी टीम ने लोगों से अपील कर प्लाज्मा देने के लिए प्रेरित किया। इसका परिणाम हुआ कि संगठन ने तेजी से प्लाज्मा दिलाना शुरू किया। संगठन का दावा है कि वह अब तक लगभग 6000 लोगों को प्लाज्मा दिला चुका है।
इंडियन यूथ कांग्रेस का मुख्यालय दिल्ली के रायसीना रोड पर है, लेकिन इस समय यूथ कांग्रेस के ऑफिस में जाने पर यह किसी संगठन का मुख्यालय कम एक कम्युनिटी किचन का बड़ा केंद्र ज्यादा दिखाई पड़ रहा है। इसका कारण है कि इंडियन यूथ कांग्रेस ने पिछली बार की तरह भूखे लोगों को भोजन उपलब्ध करा रही है।
पार्टी के कार्यालय में पिछली बार की तरह सैकड़ों लोग रुके हुए हैं, जिनके पास आज की तारीख में कोई काम नहीं है। जिनके पास आज सर छिपाने की कोई जगह नहीं है, इंडियन यूथ कांग्रेस का मुख्यालय उनके लिए शरणस्थली बन गया है। यहां ऐसे लोगों को रोजाना दोनों टाइम भोजन और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दिल्ली में जैसे ही लॉकडाउन की घोषणा हुई आनंद विहार, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से लेकर विभिन्न अस्पतालों के बाहर इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता तैयार पैकेट बंद भोजन लेकर पहुंच गए। भूखे प्रवासी मजदूरों के लिए इस भोजन से अब तक लाखों लोगों की मदद की जा चुकी है। पिछले लॉकडाउन के दौरान भी इसी तरह पूरे देश में करोड़ों भोजन के पैकेट लोगों को उपलब्ध कराए गए थे।
कोरोना काल में जिन लोगों की नौकरियां चली गईं इंडियन यूथ कांग्रेस ने ऐसे लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराना शुरू किया है। संगठन ने 20 से ज्यादा सिलाई करने वाले लोगों को अपने कार्यालय में ही बिठाकर लगातार मास्क बनाने का काम शुरू कर दिया है। संगठन ने लोगों को एक करोड़ मास्क बांटने का लक्ष्य रखा है। कोरोना की पहली लहर में भी संगठन ने एक करोड़ मास्क बांटे थे।
कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक सात अप्रैल को आयोजित हुई थी। इस बैठक के दौरान ही राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास और उनकी टीम को इस बात के लिए आगाह कर दिया था कि आने वाले समय में कोरोना की स्थिति विस्फोटक होने वाली है। उन्होंने उसी समय यूथ कांग्रेस को लोगों की हर तरह से सेवा करने का निर्देश दे दिया था।
राहुल गांधी से सीधे इस निर्देश को पाकर युवा टीम उत्साहित हो गई और उसने दिन-रात काम करना शुरू कर दिया। पूरे देश के आईवायसी के कार्यालयों को इसका निर्देश दे दिया गया कि उन्हें इस काल में किस प्रकार से काम करना है। इसका असर दिखाई पड़ा और कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता कोरोना पीड़ितों की सेवा में जुट गए। राहुल लगातार पूरे सेवा कार्य की निगरानी भी कर रहे हैं।