बिहार के बेहद महत्त्वपूर्ण चुनाव में भाजपा अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेगी। राज्य के जातीय गणित को साधने के लिए पार्टी केवल टिकट बंटवारे में ही नहीं, चुनाव प्रचार करने में भी ऐसे नेताओं का इस्तेमाल करेगी जो उसे जाति विशेष के वोट दिलाने में मददगार साबित हो सकेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज नेताओं के साथ-साथ पार्टी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्मंत्री रेखा गुप्ता, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित पार्टी संगठन के ऐसे अन्य नेताओं का भरपूर इस्तेमाल करेगी जो बिहार के मतदाताओं को लुभाने में उसकी मदद कर सकेंगे।
अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव में जाने वाले राज्य बिहार के सभी जिलों में भाजपा के एक सांसद की विशेष ड्यूटी लगाई गई है जो चुनाव प्रचार को साधने का काम करेंगे। इसके अलावा एक दर्जन से कुछ अधिक सांसदों को पूरे चुनाव प्रचार में हर दृष्टि से संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी। यूपी के सीमावर्ती जिलों में उत्तर प्रदेश के प्रभावी नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनावी तालमेल में भाजपा को करीब सौ सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिलने की संभावना है। लेकिन पार्टी राज्य की सभी 243 सीटों पर रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। सहयोगी दलों को मिलने वाली सीटों पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं और चुनाव लड़ रहे सहयोगी दल के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए हर विधानसभा में एक विशेष प्रभारी की नियुक्ति की जाएगी।
रेखा गुप्ता, मनोज तिवारी को मिलेगी जिम्मेदारी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पार्टी बिहार के बनिया समुदाय को आकर्षित करने में उपयोग करेगी। बनिया समुदाय पहले ही भाजपा का कोर समर्थक वर्ग माना जाता है। रेखा गुप्ता बिहार में चुनावी सभाएं कर बनिया समुदाय के साथ भाजपा के रिश्ते को और गहराई देने का काम करेंगी। यूपी-बिहार के सुपरस्टार भोजपुरी गायक मनोज तिवारी की पूरे प्रदेश में चुनाव सभाएं कराकर मतदाताओं को लुभाने की रणनीति बनाई जा रही है। युवाओं और महिलाओं के बीच लोकप्रिय मनोज तिवारी की सभाओं में भारी भीड़ पार्टी को अपनी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद करती है।