मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मुंबई दौरे में उत्तर प्रदेश मूल के प्रवासी उद्यमियों से अलग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उद्यमियों से कहा कि अब समय आ गया है। अपनी माटी, अपनी कर्मठता और अपने अनुभव का लाभ प्रदेश के लोगों को दें और अपनी जड़ों से जुड़ें। योगी ने उन्हें यह कहकर आमंत्रित किया कि आइए आपका घर में स्वागत है।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सुविधा और अधिक बढ़ाने के इरादे से मैं अपने सहयोगियों के साथ मुंबई आया हूं। आज प्रदेश में रोड और एयर कनेक्टिविटी की सुविधाएं हैं। उत्तर प्रदेश के अंदर हमारे जो कार्यक्रम चल रहे हैं उससे निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। सूबे की 24 करोड़ जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी है।
देश में सबसे बड़ी एमएसएमई यूनिट उत्तर प्रदेश में है। वहीं, प्रवासी उद्यमियों ने अलग-अलग प्रोजेक्ट में निवेश की इच्छा जताई। कोरोना संकट के चलते प्रवासी उद्यमियों में केवल 15 लोग की मुख्यमंत्री से मिलने पहुंच सके थे। यूपी डेवलपमेंट फोरम के पंकज जायसवाल ने बताया कि कुछ लोगों ने कार क्रंसिंग प्लांट, स्मार्ट गांव प्रोजेक्ट, इंटरनेट ऑफ थिंक बेस्ड ट्रांसफार्मर मैनेजमेंट, प्लास्टिंग प्लांट आदि में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की।
प्रवासी उद्यमियों में दिनेश चंद्र उपाध्याय, अशोक तिवारी, अरविंद राही, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, एसवी गिरी, अनिल तिवारी, सैफ कुरेशी, इल्यास गदरीवाला, आशुतोष श्रीवास्तव, राकेश सिंह, अनीस, दिनकर पाठक, योगेश साहू, राम सिंह आदि शामिल थे। जिन्होंने एमएसएमई में निवेश की योजना बनाई है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी डेवलपमेंट फोरम की ओर से तैयार किए गए 'यूपी को एक ट्रिलियन इकोनॉमी कैसे बनाए' नामक एक पुस्तक का भी विमोचन किया।