उत्तर प्रदेश के मदरसों में आयोजित हुए योग कार्यक्रम की तस्वीरें।
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योग को धर्म से न जोड़ें- चेयरमैन
उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने अमर उजाला से कहा कि योग शरीर और मन को स्वस्थ रखने की एक वैज्ञानिक पद्धति है। योग करके बिना एक पैसा खर्च किए अपने शरीर और मन को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस तरह का स्वस्थ व्यक्ति न केवल अपने परिवार के लिए, बल्कि देश और समाज के लिए आदर्श नागरिक साबित होता है। इसलिए बिना किसी प्रकार का भेद किए हर व्यक्ति को योग को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
सपा नेता शफीकुर्रहमान बर्क द्वारा मदरसों में मुसलमान छात्रों के द्वारा योग कराने को लेकर जताई गई आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि योग किसी धर्म की विषयवस्तु नहीं है। आज दुनिया में 200 के करीब देश योग को अपना चुके हैं, इनमें 54 मुस्लिम राष्ट्र भी शामिल हैं। ऐसे में योग को किसी धर्म से जोड़ते हुए उसका विरोध करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सांप्रदायिक राजनीति करने वाले शफीकुर्रहमान बर्क जैसे लोगों की असलियत मुसलमान समझ चुका है और वह अब उनके झांसे में नहीं आएगा, उन्होंने कहा कि वे केवल चर्चा में बने रहने के लिए इस तरह के आपत्तिजनक बयान देते हैं।
उन्होंने कहा कि आज मदरसों में भारी संख्या में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी से साबित होता है कि शफीकुर्रहमान बर्क जैसे लोग स्वयं बेअसर हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग अपने बच्चों को विदेशों में बड़े स्कूलों में पढ़ाते हैं, जबकि गरीब मुसलमानों के बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने से रोकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी सोच के कारण आज मुसलमान कौम विकास की दौड़ में पिछड़ गई है। लेकिन अब यह विकास का क्रम नहीं रुकेगा और देश का मुसलमान विकास की राह पर आगे चलने के लिए कमर कस चुका है।