ED अदालत से बाहर निकलते राणा कपूर
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मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को भी कोरोना वायरस का डर सता रहा है। राणा के वकील ने शुक्रवार को अदालत में यह दलील दी। राणा कपूर को इस महीने की शुरुआत में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। इस बीच सीबीआई ने एक अन्य मामले में राणा कपूर को पेश करने के वारंट की मांग की थी।
ईडी ने 62 वर्षीय कपूर को शुक्रवार को अदालत के समक्ष पेश किया। जज ने राणा कपूर से पूछा कि क्या आपको कोई बीमारी है, तो उन्होंने कहा कि वह पिछले 6-7 साल से दमे से पीड़ित हैं। इसके अलावा उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कम हो गई है और अवसाद में भी है। राणा कपूर के वकील अबाद पोंडा ने कहा कि जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो, उसे कोरोना वायरस आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है।
राणा कपूर के वकील ने कहा, 'यह वायरस बहुत ही तेजी से फैल रहा है...अभी स्थिति काफी संदिग्ध हो चुकी है। अगर वह वहां (जेल) जाते हैं तो वह बहुत ही ज्यादा गंभीर वायरस की चपेट में आ सकते हैं।' अदालत ने जेल प्रशासन से राणा कपूर की उचित देखभाल करने और दवा मुहैया कराने को कहा है। ईडी ने राणा कपूर की हिरासत बढ़ाने की मांग नहीं की, इसलिए जज परशुराम जाधव ने उन्हें 2 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ईडी ने इस महीने की शुरुआत में यस बैंक पर आरबीआई की तरफ से लगाई गई पाबंदियों के बाद कपूर व अन्य के खिलाफ मनी लान्ड्रिंग जांच शुरू की थी। इस मामले में ईडी ने मुकदमा दर्ज करते हुए राणा कपूर के खिलाफ एक आपराधिक मामले की जांच शुरू की थी, जिसमें कपूर पर अपने परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों के जरिये कुछ बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों को अपने बैंक की तरफ से दिए गए बुरे कर्जों (एनपीए) की वसूली प्रक्रिया धीमी करने के बदले लाभ लेने का आरोप है। अब यह मनी लान्ड्रिंग मामले में ईडी की तरफ से कपूर के खिलाफ दूसरा मुकदमा है।