पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा व अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राफेल सौदे की सीबीआई जांच कराने की गुहार लगाई है। याचिका में कहा है कि उन्होंने गत चार अक्टूबर को सीबीआई को इस संबंध में लिखित शिकायत दी थी लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई, लिहाजा उन्हें शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। याचिका में कहा गया है कि सीबीआई को 32 पन्नों की दी गई शिकायत में उन्होंने 42 साक्ष्य पेश किए थे।
इन साक्ष्यों के आधार पर देश के कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के खिलाफ प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत संज्ञेय अपराध बनता है। शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज न कर सीबीआई ने अपनी वैधानिक दायित्व का पालन नहीं किया। याचिका में कहा गया कि इस मामले में प्रभावशाली लोग शामिल हैं, यही कारण है कि सीबीआई पर जांच न करने का भारी दबाव है।
इसी दबाव के कारण सीबीआई ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। याचिका में गुहार की गई है कि सीबीआई को उनकी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने सीबीआई को समयबद्ध तरीके से जांच करने और समय-समय पर जांच रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश करने का निर्देश देने की मांग की थी।