अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति अपनी यात्रा के 25 वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य में शनिवार को यशस्विनी सम्मान का आयोजन कर रही है। समिति की अध्यक्ष श्रीमती अलका बांगड़ ने यह जानकारी दी।
ये भी पढ़ें: Kiren Rijiju: संसदीय कार्य मंत्री बोले- लोकसभा में शुरू होगी जस्टिस वर्मा को हटाने की प्रक्रिया, सभी दल सहमत
इस बार देश की चार विशिष्ट महिलाओं को यशस्विनी सम्मान से नवाजा जाएगा। लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। उनके अलावा भी कई विशिष्ठ लोग कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। बांगड़ ने बताया कि सम्मान के साथ ही राशि के रूप में प्रत्येक को 1 लाख रुपए का चेक प्रदान किया जाएगा।
इन महिलाओं को किया जाएगा यशस्विनी सम्मान से पुरस्कृत
अलका बांगड़ ने यहां बताया जिन महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, उनमें मिसाइल वुमेन के नाम से सुविख्यात डॉ. टेसी थॉमस (केरल), जो एरोस्पेस इंजीनियर हैं, अग्रि मिसाइल प्रोजेक्ट की निदेशक और एरोनेटिकल सिस्टम की महानिदेशिका भी रही हैं।
सुनिता कृष्णन (कर्नाटक), प्रज्वला नामक एनजीओ की सह संस्थापक। इसके माध्यम से सुनीता ने हजारों भटकी हुई, अंधेरी गली में धकेली जानेवाली युवतियों को बचाकर उन्हें नया जीवन देने व उनके पुनर्वास की व्यवस्था कर उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किया है। सन् 2016 में उन्हें भारत के राष्ट्रपति ने पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया था। उन्हें सामाजिक कार्यों हेतु यशस्विनी सम्मान से नवाजा जायेगा।
उनके अलावा शिक्षा क्षेत्र में सुविख्यात डॉ. सोमा बंदोपाध्याय (कोलकाता) वर्तमान में बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति हें। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार रह चुकी हैं। सोमा ने विभिन्न भाषाओं में 35 पुस्तकें लिखी हैं। साहित्य अकादमी का सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने बांग्ला से कई विख्यात पुस्तकों का हिन्दी अनुवाद कर बांग्ला और हिन्दी के बीच सशक्त सेतु का काम किया है। शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान देने के लिए उन्हें यशस्विनी पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
इसी तरह से सुप्रसिद्ध नाट्य शिल्पी उमा झुनझुनवाला ने अपने पति अजहर आलम के साथ मिलकर नाटक क्षेत्र में अद्वितीय कार्य किया। अजहर के निधन के बाद भी उन्होंने अपने संघर्षशील जीवन को हिन्दी नाटकों को लोकप्रिय करने हेतु समर्पित कार्य किया। वे स्वयं 50 नाटकों में प्रमुख किरदार निभा चुकी हैं जबकि 31 नाटकों का निर्देशन किया। 12 एकांकी नाटक, 48 कहानियों की लेखिका उमा को कला एवं संस्कृति क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु यशस्विनी सम्मान से नवाजा जाएगा।
समिति ने की समाज के हर वर्ग की सेवा
समिति की महासचिव श्रीमती आशा माहेश्वरी ने बताया कि अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति ने अपने 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस दौरान समिति ने नारी सशक्तिकरण के साथ महिलाओं के चौमुखी विकास हेतु विविध कार्य किए। समिति का सबसे अधिक फोकस शिक्षा पर रहा।