हथिनीकुंड बैराज से पानी का छोड़ा जाना लगातार जारी है। सोमवार दोपहर तक बैराज से सात लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा जा चुका है। इस कारण से यमुना का जल स्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। सोमवार शाम आठ बजे तक यमुना का जलस्तर 205.78 मीटर मापा गया जो खतरे के निशान 204.83 मीटर से 95 सेंटीमीटर अधिक है।
पूर्वी दिल्ली जिले के बाढ़ नियंत्रण विभाग की प्रॉजेक्ट मैनेजर के मुताबिक अब तक बोट क्लब की 14 और आईएनएफसी की 23 नाव मौके पर तैनात कर दी गई हैं। हर एक नाव पर चार गोताखोरों की चौबीस घंटे की डूयूटी लगाई गई है। जानकारी के मुताबिक पूर्वी दिल्ली और शहादरा के दस क्षेत्रों को ज्यादा बाढ़ संभावित क्षेत्रों के रुप में पहचान की गई है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग की टीम के एक सदस्य के मुताबिक यमुना के बाढ़ संभावित इलाकों से लोगों का निकाला जाना लगातार जारी है। लोगों को सरकार द्वारा मुहैया कराए गए टेंट में जगह दी जा रही है। इन जगहों पर सरकार की तरफ से पूरी सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है। चाय-नाश्ता से लेकर भोजन तक की सुविधा विस्थापितों तक पहुंचाई जा रही है।
बाढ़ के कारण विस्थापितों की संख्या अभी बहुत कम है, लेकिन जैसे-जैसे बैराज से पानी छोड़ा जाएगा, यमुना के जल स्तर में वृद्धि होना तय है। इसके बाद बाढ़ से विस्थापितों की संख्या बढ़ेगी। प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक ऐसी स्थिति में सरकारी स्कूलों को राहत शिविरों में बदले जाने के प्लान पर काम कर लिया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग से भी संपर्क भी किया गया है।