दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान केजरीवाल ने यमुना की सफाई में अड़ंगा लगाया। राष्ट्रीय नदी मंथन कार्यक्रम में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा, केजरीवाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे ऑर्डर लिया जिसके कारण सफाई में रुकावट आई।
यमुना नदी की सफाई एक ऐसा मुद्दा है जिस पर दिल्ली की सरकार अक्सर कटघरे में रही है। ताजा घटनाक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अरविन्द केजरीवाल पर यमुना की सफाई में अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि यमुना की सफाई का काम सर्वोच्च न्यायालय ने अपने अधिकार में लिया था, लेकिन सफलता न मिलने पर इसे एनजीटी को दे दिया।
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आज यमुना की स्थिति कहीं बेहतर होती
सात साल में एनजीटी को भी इसमें कोई सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद उन्हें यमुना के लिए काम करने का अवसर मिला। इसके बाद यमुना की सफाई का अभियान शुरू हुआ, लेकिन अरविंद केजरीवाल सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय जाकर इस पर स्टे ले लिया जिससे यमुना की सफाई का काम रुक गया। उन्होंने कहा कि यदि यमुना को साफ करने दिया गया होता तो आज यमुना की स्थिति कहीं बेहतर होती।
यमुना नदी की सफाई कराने पर श्रेय लेने की होड़
उपराज्यपाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय नदी मंथन 2024 के कार्यक्रम में कहा कि कुछ लोग हैं जो नहीं चाहते थे कि यमुना की सफाई हो क्योंकि उनके यमुना नदी की सफाई करने से इसका श्रेय उन्हें नहीं मिल रहा था। इसके लिए दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार सर्वोच्च न्यायालय जाकर इस पर स्टे ले लिया।
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देश और समाज का बहुत नुकसान हुआ
उन्होंने कहा कि इसके बाद यमुना की सफाई का काम रुक गया। इससे देश और समाज का बहुत नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यदि यमुना की सफाई का काम करने दिया गया होता तो आज यमुना की स्थिति कहीं बेहतर होती।
यमुना के लिए कुछ करने का अवसर
उपराज्यपाल ने कहा कि आज के समय में नदियों का जीवन बहुत कष्टपूर्ण है। जब उन्हें दिल्ली में काम करने का अवसर मिला तब उन्हें लगा कि यह उनके लिए यमुना के लिए कुछ करने का अवसर है।