फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Wheat Price: देश में रिकॉर्ड स्तर पर जा रही है गेहूं की कीमत, अब नहीं संभले तो अगले 5 माह में ऐसे होंगे हालत!

Tue, 12 Nov 2024 07:01 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Wheat Price: कारोबारियों का कहना है कि, सरकार अभी ओपन मार्केट सेल शुरू करने को लेकर तैयार नहीं है। उसका पूरा फोकस फिलहाल पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए स्टॉक वितरण पर फोकस करना है।
विज्ञापन
Wheat Price - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश में गेहूं की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। बाजार में गेहूं रिकॉर्ड स्तर 34,000 रुपए प्रति टन बिक रहा है। इससे आटा मिलों सहित अन्य उद्योगों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच आटा मिल मालिकों ने सरकार से इस वित्तीय वर्ष के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) शुरू करने या इम्पोर्ट ड्यूटी में कटौती करने की मांग की है। सूत्रों का कहना है कि, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा या पंजाब में गेहूं नहीं मिल रहा है। अभी सिर्फ केवल उत्तर प्रदेश के पास स्टॉक है, जिस वजह से कीमतें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन


कारोबारियों का कहना है कि, सरकार अभी ओपन मार्केट सेल शुरू करने को लेकर तैयार नहीं है। उसका पूरा फोकस फिलहाल पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए स्टॉक वितरण पर फोकस करना है। डिमांड सप्लाई की चैन स्थिति बहुत खराब स्थिति में है। ऐसे में सिर्फ निजी स्टॉकिस्टों के पास ही गेहूं उपलब्ध है। इसी वजह से बाजार में सरकारी स्टॉक सीमित हैं। अधिकांश सप्लाई निजी स्टॉकिस्ट्स के पास है, जो कीमतों में इजाफा कर रहे हैं। इन दिनों दिल्ली में गेहूं की कीमत 3,200 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं और अन्य राज्यों में भी इसी तरह के बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में गेहूं लगभग 2,800 रुपये के भाव से मिल रहा है, लेकिन कोयंबटूर, बेंगलुरु और चेन्नई पहुंचने पर इसकी कीमत 3,400 रुपये तक जा रही है।

जानकारों का कहना है कि, गेहूं की कीमतों में अचानक उछाल का कारण सीमित उपलब्धता भी है। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में कुछ मात्रा में गेहूं उपलब्ध है, लेकिन राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में सप्लाई नहीं हो पा रही है। कृषि मंत्रालय की यूनिट एग मार्केट के आंकड़ों के मुताबिक, गेहूं की मौजूदा औसत बाजार कीमत 2,811रुपए प्रति क्विंटल है, जो इस साल के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,275 से काफी ऊपर है। जबकि पिछले महीने में रिटेल प्राइस में 2.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे फिलहाल इसकी कीमत 31.98 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है।
विज्ञापन


व्यापारियों का अनुमान है कि,अगले पांच महीनों में नई फसल के आने तक देश में गेहूं की सप्लाई की भारी कमी की संभावना जताई जा रही है। आटा मिलर्स और उद्योग जगत ने सरकार से जल्द से जल्द ओपन मार्केट सेल स्कीम को एक्टिवेट करने या इम्पोर्ट ड्यूटी में कटौती करने का आग्रह किया है ताकि कीमतों में और अधिक उछाल न आए।
विज्ञापन




 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें