पेरिस में तीन जून को व्यापार मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में भारत कृषि, मत्स्यपालन समझौते, चीन के नेतृत्व वाले निवेश प्रस्ताव और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की निष्क्रिय अपीलीय निकाय से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताओं को सामने रखेगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
यह अनौपचारिक बैठक आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) की मंत्री परिषद की बैठक के इतर होगी। इसमें करीब 25 देशों के व्यापार मंत्री भाग लेंगे। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह 1 जून से फ्रांस और इटली के पांच दिवसीय दौरे पर हैं।
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अधिकारी ने बताया कि भारत इस बैठक में डब्ल्यूटीओ के सभी प्रमुख मुद्दों पर अपनी चिंताओं को उठाएगा, जिसमें कृषि (सार्वजनिक भंडारण का स्थायी समाधान ढूंढना), मत्स्यपालन समझौता, निवेश सुविधा से जुड़ा प्रस्ताव, विश्व व्यापार संगठन में सुधार और डब्ल्यटीओ की जिनेवा स्थित अपीलीय संस्था की निष्क्रियता के मुद्दे शामिल हैं।
भारत चीन के उस प्रस्ताव का विरोध कर रहा है, जिसमें विकास के लिए निवेश सुविधा (आईडीएफ) को आगे बढ़ाने की बात कही गई है। चीन 128 देशों के एक समूह की अगुवाई करते हुए इस प्रस्ताव को आगे बढ़ा रहा है। साल 2009 से डब्ल्यूटीओ का विवाद निपटान प्रणाली सही तरीके से काम नहीं कर रही है, क्योंकि अमेरिका ने अपीलीय निकाय के सदस्यों की नियुक्ति पर रोक दी है।
साल 2009 से डब्ल्यूटीओ का विवाद निपटान प्रणाली सही तरीके से काम नहीं कर रही है, क्योंकि अमेरिका ने अपीलीय निकाय के सदस्यों की नियुक्ति पर रोक दी है।
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इस बीच, वाणिज्य मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि अपनी पेरिस यात्रा के दौरान गोयल अमेरिका, सिंगापुर, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, नाइजीरिया, ब्राजील और इजराइल जैसे देशों के वाणिज्य मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में हिस्सा लेंगे। मंत्रालय ने कहा, इस महत्वपूर्ण मंच पर वह वैश्विक सहयोगियों से प्रमुख बहुपक्षीय व्यापार के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और भारत के दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखेंगे।
गोयल की फ्रांस के मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी योजना है, जिनमें अर्थव्यवस्था मंत्री एरिक लोम्बार्ड और फ्रांस के वाणिज्य मंत्री लॉरेंट सेंट-मार्टिन के साथ बैठकें शामिल हैं। गोयल फ्रांस की कई प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इनमें वीकैट, टोटल इंजीनियर्स, लॉरियल, रिनॉल्ट, ईडीएफ और एटीआर जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।इन बैठकों का मकसद भारत-फ्रांस आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना और व्यापार व निवेश सहयोग को बढ़ाने के नए रास्ते तलाशना होगा।