लखीमपुर खीरी। दो रातों और एक दिन के कर्फ्यू के बाद लोगों की जिंदगी पटरी पर लौट आई। कर्फ्यू में ढील के दौरान कड़ी चौकसी रही। मंडलायुक्त भुवनेश कुमार, आईजी
ए सतीश गणेश, डीआईजी रेंज प्रवीण कुमार अभी तक शहर में कैंप कर रहे हैं। डीएम आकाशदीप और एसपी मनोज कुमार झा लगातार भ्रमण पर रहे। शनिवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई, जिसको बढ़ाकर बाद में रात में नौ बजे तक कर दिया गया। हालांकि शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और यूपी 100 की गाड़ियां सायरन बजाती हुई पेट्रोलिंग करती रहीं। प्रयोगात्मक परीक्षाएं तो हुईं लेकिन लिखित परीक्षाएं स्थगित कर आगे बढ़ा दी गईं।
मालूम हो कि धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गुरुवार को शहर में बवाल हो गया था। आगजनी और गोलीबारी
के बाद स्थिति पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा था। बृहस्पतिवार की रात करीब नौ बजे से लगा कर्फ्यू शनिवार सुबह छह बजे तक जारी रहा।
42 लोगों का शांति भंग में चालान
बवाल को लेकर शहर में हुई मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी में 42 लोगों का शांति भंग में चालान भेजा गया है। उधर पुलिस ने शनिवार को भी करीब एक दर्जन लोगों को
हिरासत में ले लिया।मालूम हो कि कोतवाली सदर में सबसे पहला मामला आपत्तिजनक वीडिया वायरल होने का दर्ज हुआ था। इसके बाद दूसरा मामला तोड़फोड़ और
तीसरा मामला लोगों को भड़काने और शोरूम के सामने गोली कांड का दर्ज किया गया था।
शुक्रवार की रात छाउछ चौराहा पर कुछ उपद्रवियों ने खोखे पलट दिए थे और उनमें आग लगा दी थी। इसी तरह गढ़ी रोड और मेला मैदान के पास खोखों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। शहर कोतवाल की ओर से धारा 147, 436 के तहत दो मामले दर्ज किए गए।
पुलिस ने गढ़ी रोड से मोहल्ला प्रकाशनगर निवासी अवधेश गुप्ता, सचिन, मनोज मिश्रा, राजगढ़ निवासी दिनेश राठौर और प्रदीप राठौर को गिरफ्तार किया। एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि 42 लोगों को बवाल के दौरान शांतिभंग करने की आशंका के चलते हिरासत में लिया गया। सभी का चालान भेजा गया है।
उधर शनिवार को भी पुलिस ने कई स्थानों पर खुराफातियों को दबोच कर हिरासत में लिया। पकड़े गए लोगों में कुछ लोग गढ़ी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में नारेबाजी करने में
शामिल हैं। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।