मांड्या में एक कार्यक्रम में पूर्व प्रोफेसर इतने पर ही नहीं रुके और कहा, राम ने शंबुक का सिर काट दिया था, जो एक शूद्र था। उन्होंने सवाल किया कि राम आदर्श कैसे हो सकते हैं।
सेवानिवृत्त प्रोफेसर और लेखक केएस भगवान ने भगवान राम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा, वह सीता के साथ दिन में बैठकर शराब पीते थे इसलिए भगवान राम आदर्श नहीं हैं।
विज्ञापन
मांड्या में एक कार्यक्रम में पूर्व प्रोफेसर इतने पर ही नहीं रुके और कहा, राम ने शंबुक का सिर काट दिया था, जो एक शूद्र था। उन्होंने सवाल किया कि राम आदर्श कैसे हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राम राज्य बनाने की बात होती है, लेकिन यदि कोई वाल्मीकि रामायण का उत्तर कांड पढ़ ले तो स्पष्ट हो जाएगा कि राम आदर्श नहीं थे। भगवान राम ने 11000 वर्षों तक नहीं, बल्कि 11 वर्षों तक शासन किया था।