भारतीय वायुसेना के तीन दिन पहले लापता हुए सुखोई-30 विमान का मलबा मिल गया है। हालांकि विमान में सवार दो पायलटों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। विमान का मलबा उस जगह मिला है, जहां अंतिम बार इसके लोकेशन को ट्रैस किया गया है। इस विमान के मलबे के साथ ही फ्लाइट डाटा तक पहुंचने के लिए टीम को एयरलिफ्ट के जरिए पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। दरअसल,मलबा जहां मिला है, वहां सड़क के रास्ते पहुंचना संभव ही नहीं है।
ग्रॉउंड स्टाफ की पहली प्राथमिकता मलबे तक पहुंचने की है, ताकि फ्लाइट डाटा बॉक्स को रिकवर किया जा सके। तभी विमान के लापता होने की सही वजहों का पता लगाया जा सकते।
Ground parties standing by to be airlifted to site as area is inaccessible. Srch for flight data recorder&missing crew to be perused by them pic.twitter.com/1Kt2vVxe8X
— ANI (@ANI_news) May 26, 2017
असम के तेजपुर स्थित वायुसेना के बेस से मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद से ही यह विमान लापता हो गया था। सूत्रों के अनुसार, विमान अपने नियमित ट्रेनिंग मिशन पर था, जब इसका संपर्क राडार से टूटा था।
Wreckage of Su-30 MKI jet that went missing with 2 pilots found in forest around 60 Kms from Tezpur, where it lost radar contact with base
— ANI (@ANI_news) May 26, 2017
संपर्क टूटने से पहले विमान तेजपुर से 60 किमी उत्तर की तरफ उड़ रहा था। 12:30 बजे जब विमान अरुणाचल के डौलसांग इलाके में था तभी रेडार से रेडियो संपर्क खो बैठा। इस विमान को खोजने के लिए खोज अभियान जारी था।
बता दें सुखोई 30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का बेहद हाइटेक लड़ाकू विमान है। इस लड़ाकू विमान को भारत ने रूस की मदद से मिलकर बनाया है । भारतीय वायुसेना का यह विमान 3000 किमी की दूरी तक जा कर हमला कर सकता है। इसके एएल-३१ टर्बोफैन इन्जन इसे २६०० किमी प्रति घण्टे की गति देते हैं।
यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इस विमान में मिसाइल लांचिग की तकनीकी के साथ 30 मिमी की एक तोप भी लगी हुई है ।